ब्लॉगसेतु

Many news reports suggest that the Indian government is considering revising personal tax structure by cutting tax rates as well as altering tax slabs with the purpose to increase disposable income in the hands of consumers. This obviously would be a right decision...
 पोस्ट लेवल : Economy English Article
In the period of 2004 to 2016, there was no major economic reform in the Indian economy. Prior to 2004, the NDA government during its six year tenure from 1998 to 2004 had introduced many economic as well as financial reforms and successfully integrated the old sys...
 पोस्ट लेवल : Economy English Article
भारतीय संसद और राष्ट्रपति ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 को संस्तुति दी है परन्तु इस अधिनियम को लेकर पूरे देश में हंगामा हो रहा है। देश के विश्वविद्यालयों से लेकर आम जनता तक सड़क पर आ गई और विरोध अब पूर्णतया हिंसक हो चुका है। इसलिए यह सवाल लाजमी हो जाता है कि नाग...
 पोस्ट लेवल : Politics Hindi Article
डाकिए ने थाप दी हौले से आज दरवाजे पर मेरे कि तुम्हारा ख़त मिला। तुमने हाल सबके सुनाए ख़त-ए-मजमून में कुछ हाल तुमने ना मगर अपना सुनाया ना ही पूछा किस हाल में हूँ? कि तुम्हारा ख़त मिला। बता क्या जवाब दूँ मैं तुमको?&...
 पोस्ट लेवल : Hindi Poem Literature
क्योंकिमैं रुक ना सकीमृत्यु के लिएदयालुता से मगरइन्तजार उसने मेरा कियाऔर रूकी जब तो हम और अमरत्वबस रह गए।धीरे-धीरे बढ़ चले सफर पर हम जल्दबाजी नहीं उसे। सब कुछ छोड़ दिया मैंने अपनी मेहनत और आराम भी। शिष्टता उसकी ऐसी थी!हम स्कूल से होकर गु...
 पोस्ट लेवल : Translation Literature
Every citizen or groups has right to disagree with the government in a democracy if they find that their rights have been compromised by mala fide intentions. This is their fundamental duty to oppose to any such oppression. For that they can take any progressive ro...
 पोस्ट लेवल : Politics English Article
संकरी गलियों से गुजरते हुएधीमे और सधे कदमों सेलहरायी थी चौकीदार ने लालटेन अपनी और कहा था , “सब कुछ ठीक है!"बैठी बंद जाली के पीछे औरत एकनहीं था पास जिसके बेचने को कुछ भी;रुककर दरवाजे पर उसके चौकीदार चिल्लाया जोर से, “सब कुछ ठीक है!”धुप्प अँधेरे में ठिठुरता...
 पोस्ट लेवल : Translation
आह! नहीं चाहती हो तुमकि डरी हुई हो ग़रीबी से तुम;घिसे जूतों में नहीं जाना चाहती हो बाज़ार तुमऔर नहीं चाहती हो लौटना उसी पुराने कपड़े में। मेरी प्रेयसी! पसन्द नहीं है हमें,कि दिखें हमें उस हाल में, है जो पसंद कुबेरों को;तंगहाली हमारी। उखाड़ फेंकेंगे इस...
 पोस्ट लेवल : Translation
इस बार के दशहरा में वो हुआ जो कभी भी नहीं हुआ था। जिसका सपना लोग सत्तर साल से देख रहे थे वो इस बार ‘पहली बार’ हो ही गया। कहने का मतलब है कि कई सौ साल पर लगने वाले सूर्य और चन्द्र ग्रहण की तरह। हजारों सालों में पहली बार आनेवाली दैवीय मूहुर्त की दीपावली की रात की तरह...
 पोस्ट लेवल : Hindi Article Satire Literature
आजतक गाँधी जी के बरक्स जाने कितने लोगों को खडा करने की कोशिश की गई है परन्तु कोई भी गाँधी जी के बरक्स खडा नहीं हो पाया और आगे कोई खड़ा हो पाएगा कि नहीं, कहना मुश्किल है। जहाँ तक कुछ ऐतिहासिक चरित्र जैसे कि लाल बहादुर शास्त्री जी, सुभाष चन्द्र बोस जी या फिर भगत सिंह...
 पोस्ट लेवल : Hindi Article