ब्लॉगसेतु

उसकी ख़ामोशी खँगालती है उसे, वो वह  नहीं है जो वह थी, उसी रात ठंडी पड़ चुकी थी देह उसकी, हुआ था उसी रात उसका एक नया जन्म, एक पल ठहर गयीं थीं साँसें उसकीं,   खुला आसमां हवा में साँसों पर प्रहार, देख चुकी थी अवाक-सी वह,&nbsp...
एक नन्हा-सा पौधा तुलसी का, पनपा मेरे मन के एक कोने में, प्रार्थना-सा प्रति दिन लहराता, सुकोमल साँसों का करता दानसतत प्राणवायु बहाता आँगन में    संताप हरण करता हृदय का,   संतोष का सुखद एहसास सजा,  पीड़ा को पल में...
कहाँ से आये ये  काले बादल,  किसने गुनाह की गुहार लगायी,  जलमग्न हुए आशियाने, ज़िंदगियों ने चीख़-चीख़  पुकार लगायी |बरस रही क्यों घटा अधीर ? विहग गान से क्यों मेघ ने काली बदरी बरसायी, चिर पथिक थे गाँव के वे  ग्वाले,&nbs...
   रिदम धड़कनों में  प्रति पहर  खनकती ,   राग-अनुराग का एहसास है ऐसा, सुर-सरगम सजा साँसों में संगीत अधरों पर,   शब्द-भावों ने पहना लिबास वीणा की धुन के जैसा |संयोग-वियोग के भँवर में गूँथी रागिनी, राग म...
वे मर रहें हैं, अपनी ही लाचारी से, प्रतिदिन लाखों की तादाद में, परन्तु कहीं कोई नामोनिशान नहीं |कुछ मारे भी जाते हैं,  बेबसी के हाथों,  रुतबे की निगाहों से, शब्दभेदी-बाण से, किन्तु कहीं ख़ून के धब्बे नहीं, सभ्यता माँ...
असबाब लादे रौबीले तन पर, यायावर मुस्कुराहट को मात दे गया,सजा सितारे सान से सीने  पर,    सपनों का सौदागर सादगी में सिमट गया |  आसमां की छात्रछाया उसका मन मोह गयी,   देह के उसको  मटमैला लिबास भा गया,  नींद क...
घटाओं के बदले तेवर,  वे  तोहमत हवाओं पर लगाती थीं, दुहरा आसमां  झुका नहीं जज़्बातों से,   वक़्त ने वक़्त से धोखा किया,वक़्त सज्दे में नहीं था |गिरोह बना रहे  विश्व पटल पर, बादलों को बाँटने का वो दस्तूर  पुराना  था,...
 सदानीरा नदी कावेरी,  कर्नाटक, उतरी तमिलनाडु में बहती, पश्चिमी घाट के पावन पर्वत ब्रह्मगिरी से उपजी,  दक्षिण पूर्व में प्रबल प्रवाह प्रेम का प्रवाहित कर,  बंगाल की खाड़ी में जा मिली |कुछ दर्द वक़्त का यूँ निखरा, साँसो...
टाँग देती हैं, समय में सिमटी साँसें, ज़िंदगी की अलगनी पर,  कुछ बिन गूँथे ख़्वाब ख़्वाहिशों में सिमटे,   तोड़ देती हैं वे दम, कुछ झुलस जाते हैं वक़्त की धूप से, कुछ रौंद देते हैं हम अपने ही क़दमों से, कुछ पनप जाती हैं रोहि...
भटक  रही दर बदर  देखो ! स्नेह  भाव  से  बोल  रही,  अमृत  पात्र  लिये  हाथों  में,सृष्टि, चौखट-चौखट  डोल  रही|विशिष्ट औषधि, जीवनदात्री,सर्वगुणों  का  शृंगार    किये&n...