ब्लॉगसेतु

अदब से आदमी,आदमी होने का ओहदा, आदमीयत की अदायगी आदमी से  करता,  आदमी इंसानियत का लबादा पहन,  स्वार्थ के अंगोछे में लिपटा इंसान बनना चाहता  |सूर्य के तेज़-सी आभा मुख मंडल पर सजा,  ज्ञान की धारा का प्रारब्धकर्ता कहलाता,&nbs...
ज़िम्मेदारी के अभाव का घूँट, अस्पताल का मुख्यद्वार पी रहा,  व्यवस्था के नाम पर, दम तोड़तीं टूटीं खिड़कियाँ,  दास्तां अपनी सुना रहीं, विवशता दर्शाती चौखट,  दरवाज़े को हाँक रही, ख़राब उपकरणों की सजावट, ...
परमार्थकारी पारिजात के फूलों-सा, सजायेंगे सलौना आशियाना, गुमनाम ग़मों से करेंगे सुलह, राह में प्रेमल फूल बिछायेंगे,  प्रीत के मधुमय गलियारे से, निकलना मुस्कुराते हुए,  ऐ  साहेब ! जीवन जुगनू-सा जगमगायेंगा  |सूनी...
सुख-समृद्धि यश-वैभव दयावंत,  वैभवचारी-सा चतुर्दिश सत-उजियारा,  प्रिय प्रीत में प्रतीक्षामान थीं,   उत्सुक आँखें अनिमेष भोर कीं,  तन्मय-सी ताकती तुषार-बूंदें,  मोहक नवल नव विहान को |  खग-वृंद के कलनाद...
  दिन, सप्ताह, महीनें और वर्ष, आग़ोश में समेटे वह जा रही है, शिकवा न शिकायत, जख़्म अनगिनत लिये जा रही है  |अक्स इबादत का मक़बूल किये,  बदलने स्वरुप इस जहां का जा रही है,   2019 को 2020 कह पुकारेंगे,   यह...
चाँद सितारों से पूछती हूँ हाल-ए-दिल,  ज़िंदा जल रहे  हो परवाने की तरह ! मरणोपरांत रोशनी आत्मा की तो नहीं,    क्यों थकान मायूसी की तुम पर नहीं आती |हार-जीत का न इसे खेल समझो,  अबूझ पहेली बन गयी है ज़िंदगी, शमा-सी जल रह...
 ओस ने अपनी असमंजसता, सस्नेह सजल भोर को सुनायी,  रजतकण के व्याकुल हृदय में कहाँ से,  अवाँछित ज्वाला सुलग आयी ? जुगनू-सी चमकती थी चतुर्दिश,  प्रीत  की  हीरों-सी  कनियाँ,  घास के घरोंदों पर रहती थी...
मैं 2019 का परिवेश हूँ,  मेरी अति लालसाओं ने,  मेरा यह हाल किया, परिवर्तित होने की राहें, परिवर्तन की चाह में, इतिहास के अनसुलझे,  प्रश्नों को रुप साकार दिया |सुख-समृद्धि तलाशता हवाओं में, अतीत की यादों में झाँकता,&...
स्वयं की सार्थकता सर्वोपरि,  यही विकार हृदय को कलुषित कर,   प्रभाव की परिभाषा जनमानस गढ़ता चला लगा,  प्रभुत्त्व के मद में डूबा यह दौर,   विचारों की क्षीणता स्वयं के सीने में सजाये,   अपने नज़रिये को औक़ात कह गया |...
विश्व हिंदी संस्थान, कनाडा की ओर से जारी की जाने वाली 'ग्लोबल बुक ऑफ़ लिटरेचर रिकॉर्ड्स 2019' में सर्वाधिक लोकप्रिय महिला हिंदी साहित्यकारों की सूची में मेरा नाम 109 वें स्थान पर नामांकित किया गया है. मेरे लिये हिंदी की सेवा करते हुए यह गौरव का क्षण है. आज यानी...