ब्लॉगसेतु

ख़ामोशी से बातें करता था न जाने  क्यों लाचारी है  किपसीने की बूँद की तरह टपक ही जाती थी अंतरमन में उठता द्वंद्व ललाट पर सलवटें  आँखों में बेलौस बेचैनी छोड़ ही जाती थी दूध में कभी पानी की मात्रा कभी दूध...
                                           प्रति पल आँखें चुराती हूँ कविता से,  भाग्य देखो ! उसका,  सामने आ ही जाती है वह, कभी पाय...
                                           क्षितिज पटल पर, लिखती हूँ, प्रतिदिन एक कविता,धूसर रंगों से सजाती हूँ, उस पर तुम्हारा नाम । त...
 पोस्ट लेवल : कविता
 रेत के मरुस्थल-सा,  हृदय पर होता विस्तार, खो जाती है  जिसमें, स्नेह की कृश-धार, दरक जाती है,  इंसानियत, बंजर होते हैं,  चित्त के भाव, जज़्बात  में नमी, एहसास में होती, अपनेपन की कमी,&nb...
नाज़ुक तन वक़्त के थपेड़ों से न थर्राया, देखो ! प्रति पल और निखरता गया,मीरा पर भी हुआ था कुंठाओं  का  कुठाराघात,देखो ! ता-उम्र बाँटती  रही प्रीत और प्रेम अमर होता गया |चरित्र-हत्याओं का विस्तार विचारणीय हुआ अब,देखो ! बात स्त्री पुरुष की नहीं&n...
 पोस्ट लेवल : कविता
छल-कपट बने कोढ़ काया के ,कपटी मानव  मन का भार, जीवन अमूल्य  मिला मुझे, क्यों करूँ कपटी  श्रृंगार |सहज सरल शब्द चित्त में मेरे, बरबस  मुस्काऊँ  इनके  साथ, नाज़ुक टहनी बन बरगद की, लहराऊँ फ़ज़ा में थामूँ  हवा का&...
 पोस्ट लेवल : कविता
हाँ अच्छी लड़कियाँ हैं हम,पीढ़ियों से अर्जित संस्कारों की हैं शबनम |  सजा इन्हीं का मुकुट शीश  पर ,हया का ओढ़ा  है  घूँघट मन  पर ,छलकाती हैं करुणा,नित नभ नूतन पर,हाँ अच्छी लड़कियाँ हैं हम |रस्मोरिवाज  के नाज़ुक बँधन से, बँधे&...
 पोस्ट लेवल : कविता
अनवरत तलाश करती है वह,वक़्त के झरोखे से मन की अथाह गहराई में,मोती-सी अनमोल,मन-सी मासूम, बेबाकपन में डूबी एक ख़ूबसूरत-सी नज़्म |जिस्म से सिमटी वक़्त की तह,हर तह  को पलट फिर सहेजती है वह, किसी में छिप जाती है किसी को छिपा देती है ,तलाशती है मोती-सी अन...
 पोस्ट लेवल : नज़्म
                                               ममतामयी प्रकृति ने                      &nb...
 पोस्ट लेवल : कविता
कह दो  क़ुदरत क़ायनात से कुछ ऐसा, कश्मीर-सा सुन्दर उपहार सजा दे,करूँ नमन प्रतिपल वीर शहीदों को,हृदय को उनका द्वार दिखा दे |लिया भार,भारत माँ  का  कंधों  पर , उन वीर शहीदों की, चौखट के दीदार करा दे,पहन केसरिया किया जीवन अपना क़ुर्बान,...