ब्लॉगसेतु

जनाब कह रहे हैं  ख़ाकी और काला-कोट पगला गये हैं  और तो और सड़क पर आ गये हैं   धाक जमा रहे थे हम इन पर सफ़ेद पोशाक  पहन पितृ देव का रुतबा दिखा भविष्यवाणी कर रहे थे शब्दों का प्रभाव क्या होता है ख़ाकी और का...
जिंदगियाँ निगल रहा प्रदूषण  क्यों पवन पर प्रतंच्या चढ़ाया है कभी अंजान था मानव इस अंजाम से आज वक़्त ने फ़रमान सुनाया है चिंगारी सोला बन धधक रही मानव !किन ख्यालों में खोया हैवाराणसी सिसक-सिसक तड़पती रही आज...
शिकवा करूँ न करूँ तुमसे शिकायत कोई, बिखर गया दर्द, दर्द का वह मंज़र लूट गया,  समय के सीने पर टांगती थी शिकायतों के बटन, राह ताकते-ताकते वह बटन टूट गया |मज़लूम हुई मासूम मोहब्बत ज़माने की,   भटक गयी राह अच्छे दिनों के दरश को तरस...
क्यों नहीं कहती झूठ है यह सब,  तम को मिटाये वह रोशनी हो तुम,   पलक के पानी से जलाये  दीप,  ललाट पर फैली स्वर्णिम आभा हो तुम,  संघर्ष से कब घबरायी ? मेहनत को लाद कंधे पर,  जीवन के हर पड़ाव पर...
 उजड़ रहा है साहेब धरा के दामन से विश्वास सुलग रही हैं साँसें कूटनीति जला रही है ज़िंदा मानस   सुख का अलाव जला भी नहीं दर्द धुआँ बन आँखों में धंसाता गया  निर्धन हुआ बेचैन  वक़्त...
आज जब मैंने तुमको तड़पते हुए देखा शक्तिहीन अस्तित्त्वहीन निःशस्त्र और दीन आँखों में आँसू माथे पर सलवटें  भविष्य को सजाने की चाह में वर्तमान को कुचलता हुआ देखा प्रत्येक पाँच वर्ष में तुम उल्लासित मन लिय...
आहत हुए अल्फ़ाज़ ज़माने की आब-ओ-हवा में,  लिपटते रहे  हाथों  में और  सीने में उतर गये, अल्फ़ाज़ में एक लफ़्ज़ था मुहब्बत, ज़ालिम ज़माना उसका साथ छोड़ गया,   मुक़द्दर से झगड़ता रहा ता-उम्र वह,  मक़ाम मानस अपना बदलता गया,&nbs...
 तुम्हें मालूम है उस दरमियाँ, ख़ामोश-सी रहती कुछ पूछ रही होती है, मुस्कुराहट की आड़ में बिखेर रही शब्द, तुम्हारी याद में वह टूट रही होती है |बिखरे एहसासात बीन रही, उन लम्हात में वह जीवन में मधु घोल रही होती है,  नमक का दरिया बने नयन...
पावन प्रीत के सुन्दर सुकोमल सुमन, सुशोभित स्नेह से करती साल-दर-साल,  अलंकृत करती है हृदय में प्रति पल वह,  फिर यादों का कलित मंगलमय थाल |  बाती बना जलाती साँसें कोअखंड ज्योति-सी, जीवन में प्...
 उस मोड़ पर जहाँ  टूटने लगता है बदन छूटने लगता है हाथ देह और दुनिया से उस वक़्त उन कुछ ही पलों में उमड़ पड़ता है सैलाब यादों का  उस बवंडर में तैरते नज़र आते हैं अनुभव बटोही की तरह ...