ब्लॉगसेतु

  कुछ पल की ख़ुशी मुकम्मलकर, क़ायनात ने  बरसाया,  ख़ुशी का कोहरा ,वही कोहरा सुकून का सैलाब ,  लेकर उतरता है  पलकों पर  और ,  चित्त को कर देता  है तृप्त |कुछ पल बैठ पहलू  में मेरे, मुठ्ठी में थम...
 पोस्ट लेवल : कविता
मनमाँगी मुराद पर मनाया  मन को मैंने,जीवन के हर पड़ाव पर,पतझड़ के पहलू में बैठ बहलाया बहार के  इंतज़ार  में  मन को मैंने |परखते हैं लोग पग-पग पर, यही दस्तूर है ज़माने का आज, इसी दस्तूर को  पावन कह, प्रेम का मरहम, लग...
 पोस्ट लेवल : कविता
 प्रभात  की  पहली  किरण  ने,कुछ  राज़  वफ़ा  का  सीने  में  यूँ  छिपा  लिया,  पहना  हिम्मत  की  पायल  पैरों  में ,हृदय  में  दीप  विश्वास  का ...
 पोस्ट लेवल : कविता
गुज़र  चुका   कल    आने वाले कल में   अपना प्रतिबिम्ब तलाशते हुए  अपने  आपको वक़्त के साथ इतिहास के रुप में फिर दोहराता है |इन्हीं शब्दों का  पुनर्दोहराव अंतरमन में क्षोभ का उत्पात उ...
 पोस्ट लेवल : कविता
तन  तृष्णा  से तप  रहा, वहम  की  फैली  बीमारी, सिर  फोड़ता  फिरे  इंसान ,अंतरमन  में  टीस  उठे  गहरी, तोड़ इस का बतलाओ  साधो !गर्दिश में जनता  सारी | गाँव  ग़ुमराह&nbsp...
 पोस्ट लेवल : कविता
मन में  उड़ती विचारों  की  धूल,करती है ख़्वाहिशों  को स्थूल ,  तत्परता के  साथ समझौता करती है ज़िंदगी |  बटेर-सी पुकारती  आत्मा की आवाज़,खेजड़ी की छाँव में बिठाकर ढाढ़स बँधाने का, ढकोसला ख़ूबसूरती से सजाती है ज़िंदगी |वक़्त...
 पोस्ट लेवल : नज़्म
सजी घटायें सावन की, मेहंदी रचे  हाथ | मुस्काय प्रिय राधिका ,कान्हा जी  के साथ ||----- कोयल की मधुर रागिनी, है सावन की रात |झर रहे नयन राधिका, क्या है  हिय में  बात ||-------सावन की आई घटा, मेहंदी  रचते  हाथ | झूला ...
 पोस्ट लेवल : दोहे
थक गयी  जब मैं, शब्दों के  बेबाकपन  से,ख़ामोशी की राह चुनी |तय हुआ चलने से पहले | ख़ामोश रहूँगी  मरने से पहले |कुछ सुनूँगी न कहूँगीबस ठूँठ बन चलती रहूँगी |सफ़र के  हमसफ़र बने ,  कुछ  एहसास ,थकते-थकाते ,रूठते-मनाते...
 पोस्ट लेवल : कविता
ज़ुल्म ! पवन के अल्हड़ झोंकों का,कि  घटाएँ फिर ज़हन  में  उमड़  आयीं, चित्त ने दी चिंगारी,एहसास फिर स्वप्न में सुलग आया भरी बरसात में जला,  हाँ  यह  वही  सावन  है |न धुँआ उठा, न धधका तन,सपनों का वही जौहर है, जो&nbs...
 पोस्ट लेवल : कविता
सादगी पूर्ण जीवन,  ज़िंदगी  का  सार  समझाता   है, भारत का महान सपूत, हमें जीवन की राह  दिखाता  है |समर्पण की परिभाषा, व्यक्तित्व  में  झलकती   है, जीवन के हर पहलू में, महानता क...
 पोस्ट लेवल : कविता