ब्लॉगसेतु

आध्यात्म के धरातल पर मन में उपजे बेहतरीन भावों से सजी अत्यंत सुन्दर रचना प्रिय रेणु जी ।
मित्रों ! कल  नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन है, जो हम प्रतिवर्ष मनाते ही हैं। हाँ यह बात अलग है कि कहीं तो इसे धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है और कहीं सिर्फ खानापूरी की जाती है।  26 जनवरी को हमारा राष्ट्रीय पर्व गणतन्त्र दिवस...
मित्रों ! शरद ऋतु धीरे-धीरे पलायन करती जा रही है। वार्षिक परीक्षा सिर पर खड़ी है। इसलिए छात्रों को चाहिए कि वो अपना अधिक से अधिक समय पठन-पाठन में लगायें। फरवरी मास आते ही विभिन्न विषयों के प्रैक्टीकल शुरू हो जायेंगे और उसके बाद वार्षिक परीक्षाएँ शुरू हो जायेंग...
स्नेहिल अभिवादन।विशेष सोमवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है।आजकल उभर आया है बातों में है विरोधाभास,ख़लिश रहती है दिल में  ओस में भीगे हैं एहसास।-अनीता सैनीआइए पढ़ते हैं मेरी पसंद की कुछ रचनाएँ-**गीत "निर्मल गंगा धार कहाँ है" (डॉ. रू...
स्नेहिल अभिवादन।  रविवारीय प्रस्तुति में आपका हार्दिक स्वागत है।भारतीय संस्कृति की आत्मा लोकगीतों में बसती है,  यह कहना अतिश्योक्ति न होगी. लोक-प्रथाओं व परम्परागत विश्वासों की ध्वनि लोकगीतों के रूप में गूँजती है. लोक-विधाओं से लेकर लोक-उत्सवों तक लो...
स्नेहिल अभिवादन। विशेष शनिवारीय प्रस्तुति में हार्दिक स्वागत है।पिपासा अर्थात प्यास, तृष्णा, चाह, लालसा, लोभ आदि।  जीवन में पिपासा अलग-अलग अर्थों में हमारे साथ अपना असर दिखाती रहती है. पिपासा ही है जो जीवन को क्रियाशील बनाये रखने महती भूमिका निभाती है क्य...
स्नेहिल अभिवादन ठंड अपने पूरी उफान पर है, मानो हम से कह रही हो इस घने कोहरे की चादर में तुम सबको लपेटे बिना मैं वापस नहीं जाऊंगा.. पर जाना तो सबको है फिर एक नई ऋतु का आगमन होगा.  गर्म कपड़े समेट दिये जाएंगे,  बक्सों में बंद कर दिए जाएंगे और सूती कपड़...
 पोस्ट लेवल : अनीता लागुरी 'अनु'
आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत हैत्योहारों की गठरी एक अभाव की जिन्दगीसफेदपोशी चाँद का घर है आसमां मौन के भी शब्द होते हैं.खंजना सरमा की कविताएं अंधा बांटे सहजतानवगीतबचपन की पतंग शिकस्ता दिल मानसिक स्वास्थ्य की चिंतनीय स्थितिय...
मित्रों !चर्चा मंच विगत 11 वर्षों से अनवरत रूप से हिन्दी ब्लॉगों के लिंकों को पाठकों तक पहुँचाता रहा है। उद्देश्य मात्र यही है आपकी अद्यतन प्रविष्टियों को लोग पढ़ें। चर्चा मंच ने एक समय वो भी देखा है जब ब्लॉग लेखन शीर्ष पर था। आज अधिकांश साहित्य साधक त्वरित प्रतिक्...
--मित्रों !लोहड़ी/मकर संक्रान्ति ने इस समय त्यौहारों-पर्वों का वातावरण बना दिया है। इसलिए आज पूरे देश में हर्ष और उल्लास का माहौल बन गया है। एक ओर जहाँ गुजरात में पतंगे आकाश में सुशोभित हो रहीं हैं वहीं उत्तर भारत में नदी-सरोवरों में लोग स्नान कर रहे हैं। अब बसन्त...