ब्लॉगसेतु

नाश के दुख से कभीदबता नहीं निर्माण का सुखप्रलय की निस्तब्धता सेसृष्टि का नव गान फिर-फिर!नीड़ का निर्माण फिर-फिर,नेह का आह्वान फिर-फिर!"हरिवंशराय बच्चन"--नश्वरता के पलों में सृजनात्मकता का आह्वान करती कालजयी अनमोल पंक्तियों के साथ चर्चा मंच की आज की प्रस्तुति में आप...
सादर अभिवादन ********** क्या है कोरोना वायरस? कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुह...
सादर अभिवादन ***** पूरी दुनिया में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना महामारी से जहां पूरी दुनिया डरी हुई है और करोड़ों लोग घर के अंदर कैद होने को मजबूर हैं, वहीं साल 2013 में रसायन शास्त्र का नोबल पुरस्कार जीतने वाले माइकल लेविट ने उम्मीद जगाई है। उनका क...
स्नेहिल अभिवादन।  आज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।इस विषम परिस्थिति में ,जानकारियाँ जरुरी हैं, बचाव भी जरूरी हैं ,नियमो का पालन भी जरुरी हैं, मगर साथ ही साथ ये भी अहम हैं कि हम एक दूसरे को मानसिक रूप से भी संक्रमित करने से ब...
 पोस्ट लेवल : कामिनी सिन्हा
सादर अभिवादन।            पशु-पक्षी, जीव-जंतु मानव के बदले व्यवहार से हतप्रभ हैं। दुनिया में इंसानी मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अपने हाथ की उँगली में परमाणु बम का बटन दबाकर पृथ्वी को तबाही की स्थिति में पहुँचाने की क्षमत...
रविवारीय प्रस्तुति में आपका स्वागत है.शब्द-सृजन-१४का विषय था-"मानवता "मानवता पर सृजित हुईं रचनाएँ लेकर हाज़िर हूँ। मानवता हमारे जीवन का सर्वाधिक मूल्यवान सामाजिक मूल्य है। नैतिकता की आधारशिला है मानवता। मानवता जब विस्तार पाती है तो शांति, सद्भावना, त्याग, परमार...
स्नेहिल अभिवादन।  शनिवासरीय प्रस्तुति में आप का हार्दिक स्वागत है।विश्व रंगमंच का संदेश सृजनात्मक और शांतिमय समाज को पुष्ट करना है। रंगमंच का फनकार सामाजिक राजनीतिक परिवेश को अपनी सूक्ष्म दृष्टि से अवलोकित करता है और भविष्य की चिंताओं व भूत की ग़लतियो...
सादर प्रणाम हार्दिक अभिवादनराजनीति चरम पर थी,सब एक दूसरे पर इल्ज़ाम लगा रहे थे,धर्म - मजहब की जंग छिड़ी थी, जगह जगह पर धरने हो रहे थे, धर्म का व्यापार चल रहा था,भीड़ एक दूसरे पर टूट पड़ी थी, मानवता मर रही थी कि तभी एक और संकट आ गया।..... अरे यह क्या!!!मंदिर,मस्जिद...
आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत हैयह काशी अविनाशी साधोनिर्वासित सिया समय बड़ा विकरालकोरोना : एक चुनौती लॉकडाउन में किताबेंएकान्तकोरोना साँसें पूछ रहीं हाल प्रियेसहज रूप से ग्राह्य कविताओं का संग्रहजीवन मन्त्र संध्या राग श्वास रहित है तन...
सादर अभिवादन ***** गीत  "आता है जब नवसंवतसर"  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') सुख का सूरज ***** नव संवत्सर का इतिहास और महत्व वैसे तो दुनिया भर में नया साल 1 जनवरी को ही मनाया जाता है लेकिन भारतीय कैलेंडर के अनुसार नया सा...