ब्लॉगसेतु

मुझे नहीं मालूम कि सबसे पहले यह विचार कैसे पैदा हुआ लेकिन एक बार मन में यह बात आ गयी तो मुझे बेचैन करने लगी। मानो एक अजीब सी शक्ति मेरे ऊपर हावी हो गई हो। मैं यह काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए व्यग्र हो उठा।मैंने उस पैकेट को अपनी बगल में दबा लिया और अपनी मंजिल क...
पाकिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित अखबार डॉन में छपे एक आलेख को पढ़कर मेरा मन दुखी हो गया। इस अभागे देश के नागरिक किस दुर्दशा के शिकार हैं यह जानकर मन काँप उठता है। भारत में रहते हुए हमने सरकार के तीन अंगो कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच जो शक्ति-सन्तुलन देखा...
“साहब, यह काम हो ही नहीं पाएगा।” एक सप्ताह की प्रतीक्षा के बाद पधारे ठेकेदार ने कार्यालय में घुसते ही अपनी असमर्थता जाहिर कर दी।अरे, आप जैसा होशियार और सक्षम ठेकेदार ऐसी बात कैसे कह सकता है? मैंने तो सुना है आप बहुत बड़े-बड़े ठेके लेकर सरकारी काम कराते रहते हैं। तमाम...
ऑफिस से पाँच बजे फुर्सत मिल गयी तो मन हुआ कि शहर में घूमा जाये। सुबह दैनिक जागरण के स्थानीय पृष्ठ पर खबर थी कि पूरा शहर दुर्गामय हो गया है। श्रद्धालु मंदिरों में उमड़ रहे हैं। चौक स्थित प्राचीन दक्षिणमुखी दुर्गा मंदिर में सबसे ज्यादा भक्त दर्शन के लिए आ रहे हैं। आजम...
शहरीकरण की प्रक्रिया तेज होने का मुख्य कारण विकसित शहरों में उपलब्ध वे अवसर और सुविधाएं हैं जो जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें बनाये रखने के लिए आवश्यक हैं। जीविकोपार्जन के लिए जरूरीरोजगार मिलने के अतिरिक्त बच्‍चों के लिए अच्छे शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान, बड़े-बुजु...
सीबीआई अदालत द्वारा आज  बाबा #रामरहीम को बलात्कार का दोषी पाया गया है - दो साध्वी स्त्रियों के साथ बलात्कार का दोषी। लेकिन इनके भक्तों को लग रहा है कि उनके महान ‘पिताजी’ के साथ अदालत ने अन्याय कर दिया है। आगजनी, तोड़-फोड़ और लोगों की हत्या का क्रम शुरू हो गया है...
आजकल सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर इस आशय की टिप्पणियाँ देखने को मिल रही हैं कि एक बार विधायक या सांसद बन जाने और पाँच या उससे कम समय के कार्यकाल पर भी आजीवन पेंशन क्यों दी जाती है; जबकि सरकारी कर्मचारियों को पूरी पेंशन पाने के लिए कम से कम बीस साल की सेवा देनी प...
डैडी - बेटा, कबतक सोते रहोगे? उठो, आठ बजने वाले हैं...बेटा - जगा तो हूँ डैडी...!डैडी - ऐसे जगने का क्या फ़ायदा? बिस्तर पर आँख मूँदे पड़े हुए हो।मम्मी - देखिए, साहबजादे एक आँख खोलकर मुस्कराये और फ़िर करवट बदलकर सो गये।डैडी - हाँ जी देखो न, इन दोनों की आदत बिगड़ गयी है।...
सत्यार्थमित्र पर मौलिक रूप से ब्लॉग पोस्ट करने की आदत फ़ेसबुक ने छीन ली थी। जो मन में आया उसे तुरत-फुरत स्टेटस के रूप में फेसबुक पर डालकर छुट्टी ले लेने का आसान रास्ता पकड़ लिया था मैंने। अधिकतम चौबीस घंटे की सक्रिय आवाजाही पाने के बाद वह स्टेटस काल के गाल में समा जा...
#साइकिल_से_सैर #रायबरेलीरायबरेली से स्थानांतरण का आदेश मिला तो थोड़ी उलझन हुई। साढ़े चार साल तक की जीवन चर्या में बड़ा बदलाव आने वाला था। पदोन्नति के पद पर तैनाती हुई तो बधाइयाँ भी मिली लेकिन नये ठिकाने पर जाना कष्टप्रद भी महसूस हो रहा था। ऐसी मनःस्थिति में वहाँ की आख...
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