ब्लॉगसेतु

ओ मेरेदीपक हर तम ज्योतिर्मय कर दे जीवन हो प्रफुल्लित मन✳️ ✳️ ✳️ ✳️माँतेरीममतास्नेहाशीषरक्षा कवचमेरे जीवन कातुझ से सम्पूर्णता✳️ ✳️ ✳️ ✳️
 पोस्ट लेवल : वर्ण पिरामिड
सांझ की चौखट परआ बैठी दोपहरीकब दिन गुजराकुछ भान  नही...नीड़ों में लौट पखेरुडैनों में भरउर्जित जीवनउपक्रम करते सोने कावे कब सोये फिर कब जागेपौ फटने तकअनुमान नही...गुजरा हर दिनएक युग जैसाकितने युग गुजरेबस यूंहींअवचेतन मन कोज्ञान नही...★★★★★
 पोस्ट लेवल : कविताएँ
"शरद पूर्णिमा का चाँद"चाँदी जैसी आब लिएधवल ज्योत्सना कीऊँगली थाम...बादलों पर कर सवारीनीलाम्बर आंगन मेंउतरा है अपनी पूरी ठसक भरीसज-धज के साथशरद पूर्णिमा का चाँदरात की सियाही मेंकहीं भी..धरती पर उगेअनगिनत दिपदिपातेअपने सरीखे दिखतेभाई-बंधुओं के बीचठगा सा सोचता है...
 पोस्ट लेवल : लघु कविताएँ
(1)गहरे में उतरो तो ही मिलते हैं मोती ।उथले में तो काई-गारा ही हाथ लगता है ।उत्कृष्टता वक्त और हुनर मांगती है ।।(2)खिड़कियों का अस्तित्व ताजगी से जुड़ा है ।व्यर्थ आगमन बहिर्गमन के लिए नही ।अनावश्यक हस्तक्षेप से मर्यादाएं टूटती हैं ।।     &nbs...
 पोस्ट लेवल : त्रिवेणी
अलविदा कहने का वक्त आ ही गया आखिर.. मेरे साथ रह तुम भी खामोशी के आदी हो गए थे । अक्सर हवा की सरसराहट तो कभी गाड़ियों के हॉर्नकम से कम मेरे को अहसास करवा देते कि दिन की गतिविधियां चल रहीं हैं कहीं । 'वीक-एण्ड' पर मैं अपने मौन का आवरण उतार फेंकती तो तुम भी मेरी ही तरह...
 पोस्ट लेवल : मन की वीथियाँ
अक्सर पढ़ती हूँ तीज-त्यौहारों के संबन्धित विषयों केबारे में..अच्छा लगता है भिन्न- भिन्न प्रान्तों के रीति-रिवाजों के बारे में जानना । इन्द्रधनुषी सांस्कृतिक विरासत है हमारी ..संस्कृति की यही तो खूबी है कि वह पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है । निरन्तरता में नव-पुरातन घुल-मिल जा...
 पोस्ट लेवल : मन की वीथियाँ
(1)मानो या ना मानो दिल की धडकनों जैसाबेशुमार लगाव है तुम सेजेनेटिक प्रॉब्लम की सुनते हीउसके लिए भी तो यूं ही बेहिसाब प्यार छलका थाजैसे तुम्हारे लिए छलकता हैप्रतिदिन… प्रतिपल...(2)अजीब सी हलचल होती है दूध के उबाल सी….जब कहीं विनम्रता को &nbs...
 पोस्ट लेवल : क्षणिकाएँ
"मुक्तक"( 1 )मानव की यह आदत पुरानी है नई नहीं है ।।सीखा नहीं कल से कुछ क्या ये सही है ।।दिवास्वप्नों में खोया यह भी नही जानता ।आने वाले कल की नींव आज पर धरी है ।।(2)तीखे तंज सहन करना सीख लोगे ।समझो आधी दुनियां जीत लोगे ।।वक्त सीखा देता है जीने का ढंग ।मार्ग के कंटक...
 पोस्ट लेवल : मुक्तक
अपना वजूद भी इस दुनिया का एक हिस्सा है उस लम्हे को महसूस करने की खुशी , आसमान को आंचल से बाँध लेनेका  हौंसला , आँखों में झिलमिल - झिलमिलाते  सपने और आकंठ हर्ष आपूरित आवाज़ -              &nb...
 पोस्ट लेवल : लघुकथा
 तिनका तिनका जोड़ तरु शाखाओं के बीचबड़े जतन से उन्होंनेबनाया अपना घरसांझ ढलते ही पखेरूअपना घर ढूंढ़ते हैं यान्त्रिक मशीन नेकर दी उनकी बस्ती नष्टटूटे पेड़ों को देख करविहग दुखित हो सोचते हैंउनके घर की नींव परबहुमंजिला भवन बनेंगेहर शाख घरों से पटी होगीकंक्र...
 पोस्ट लेवल : कविताएँ