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Artworks telling the story of women's struggle in Indiaअक्टूबर माह में नई दिल्ली में मूर्तियों व पेंटिंग्स की एक ऐसी प्रदर्शनी लगने वाली है जो पुरुष वर्चस्व वाले समाज में महिला संघर्ष की कहानी सुनाएगी। 20 अक्टूबर 2019 से विजुअल आर्ट गैलरी, इंडिया हैबिटैट...
 पोस्ट लेवल : women struggle in india
शाही शानो शौकत भला कैसी होगी? यह सवाल अक्सर जेहन में आता है। उनका रहन-सहन कैसा होगा? राजदरबार कैसे लगता होगा? इन सभी सवालों के जवाब पुराना किला के नए खुले संग्रहालय में मिलेंगे। यहां शाही घराने की शानो शौकत, शाही पुरुषों का लिबास, राजदरबार, शिविर समेत राजदरबार में...
 पोस्ट लेवल : NARENDRA MODI
सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में मीरा द म्यूजिकल शो दर्शकों को भक्ति के भाव से सराबोर कर गया। 90 मिनट की प्रस्तुति के दौरान शायद ही कोई दर्शक अपनी सीट से उठा हो। जो यह बताने के लिए काफी है कि किस कदर दर्शक इस कार्यक्रम में खो गए थे। करीब 183 कलाकारों की बेहतरीन प्रस्त...
 पोस्ट लेवल : meerabai sirifortauditorium
Man me hain delhi सुबह सूरज की किरणों से जामा मस्जिद नहा रहा है। हाथ ठेला बिना शोर के चले जा रहा है। कनॉट प्लेस सर्किल पर आइसक्रीम खाते लोग हैं तो कहीं किसी वाटरकलर पेंटिंग में ऑटो का इंतजार करते लोग। पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों में साइकिल पर पैडल मारता...
 पोस्ट लेवल : painting exhibition
connaught place historyदिल्ली का दिल कनॉट प्लेस..जिसकी हर सांस संग दिल्ली धड़कती है। सफेद खूबसूरत भवनों की शालीनता किसी के भी दिल को छू लेती है। तभी तो सालों बाद भी इसकी धमक बरकरार है। कनॉट प्लेस का जिक्र 1911 के दिल्ली दरबार के बिना अधूरा है। किंग जॉर्ज...
 पोस्ट लेवल : connaughtplacehistory
Ranjana Gauhar's dance on Kabir's couplets in India habitat centerइंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित दो दिवसीय शास्त्रीय नृत्य-संगीत का यह कार्यक्रम कई मायनों में बहुत ही खास था। एक से बढ़कर एक कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। मंगलवार को हुए उद्घ...
 पोस्ट लेवल : Ranjana Gauhar's
15 august 1947 congress conference देश आजादी की डोर में बंध रहा था। सन 1947 में पुराने किले की एशियन कांफ्रेंस को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने संबोधित किया। भारत कोकिला सरोजिनी नायडू ने उसकी अध्यक्षता की। अंग्रेजों ने भी किसी तरह की बाधा नहीं डाली।...
आजादी की खुशबू फिजाओं में फैली थी। ये सुगंध हर किसी को दिल्ली की गलियों में खींचकर ले आ रही थी। चौक चौराहों पर देशभक्ति के तराने बज रहे थे। लाउडस्पीकर का शोर दूर से ही रोमांचित करता था। बड़े-बुजुर्गों की टोली बच्चों को कंधों पर बैठाए लाल किले की तरफ जा रही थी।...
दिल्ली में ऐसे बहुत कम कार्यक्रम होते हैं जिनमें दर्शक समाप्ति तक कुर्सियों से ना केवल चिपके रहे बल्कि तालियों का जोश भी ठंडा ना पड़े।  में ऐसे ही एक कार्यक्रम का गवाह बना। जो दिल को सुुकून देने वाला था। हजरत अमीर खुसरो अौर कबीर में भले ही दो सदियों का अंतर हो...
 पोस्ट लेवल : खुसरो-कबीर
चिट्ठी आयी है..पीले पोस्टकार्ड पर अक्षर उभरे हैं। कई पोस्टकार्ड पर लिखते समय आंसूओं की बूंद टपकने से अक्षर धुंधले हो चुुके हैं। पोस्टकार्ड, जो सैनिकों की वीरता के किस्से से भरे है। हर चिट्ठी शहादत की कहानियां समेटे हैं। अपनों को खोने का गम भी है और देश के लिए बलिद...
 पोस्ट लेवल : postcard