ब्लॉगसेतु

--न मजमून लिखते, न कुछ बात होतीबताओ तो कैसे मुलाकात होती--अगर दोस्ती है तो शिकवे भी होंगेन शक कोई होता, न कुछ घात होती--अगर तुम न प्यादे को आगे बढ़ातेन शह कोई पड़ती, न फिर मात होती--दिखाता न सूरत अगर चाँद अपनीन फिर ईद होती न सौगात होती--अगर छुपके ऐसे...
--भावनाओं का अचानक भर गया तालाब हैदेशभक्ति का वतन में आ गया सैलाब है --अब खुशी पसरी हुई दीवारों दर चहके हुएजगमगाती हैं मिनारें सज गयी मेहराब है--मानता लोहा हमारा आज सारा ही जहाँअपने हुनर की देश में कारीगरी नायाब है--देखकर ऐसी बुलन्दी बहुत सदमा है वहाँदुश्मनों...
 पोस्ट लेवल : ‘रूप’ की महताब ग़ज़ल
--रावण का वध हो गया, गयी बुराई हार।विजयादशमी विजय का, पावन है त्यौहार।१। --जो दुष्टों के दलन का, करता काम तमाम।उसका ही होता सदा, जग में ऊँचा नाम।२। --मर्यादाओं का रखा, दुनिया में आधार।इसीलिए तो राम की, होती जय-जयकार।३। --त्यौहारों का कीजिए, नहीं...
--विजयादशमी ने दिया, दुनिया को उपहार।अच्छाई के सामने, गयी बुराई हार।।--विजयादशमी विजय का, पावन है त्यौहार।आज झूठ है जीतता, सत्य रहा है हार।।--रावण के जब बढ़ गये, भू पर अत्याचार।लंका में जाकर उसे, दिया राम ने मार।।--तब से पुतले दहन का, बढ़ता गया रिवाज।मन का रावण आज...
 पोस्ट लेवल : दोहे गयी बुराई हार?
 बिना किसी हथियार के, करते हैं सब वार।देखो कितना मुक्त है, आभासी संसार।।--बिना किसी आकार के, लगता जो साकार।सपनों में सबके बसे, आभासी संसार।।--बिना किसी सम्बन्ध के, भावों का संचार।अनुभव करते हृदय से, आभासी...
 पोस्ट लेवल : दोहे आभासी संसार
माता जी की कृपा से, मिला छन्द का दान।इसीलिए हूँ बाँटता, मैं दोहों में ज्ञान।१।--छोटी-छोटी बात पर, करते यहाँ विवाद।देते बालक-बालिका, कुल को बहुत विषाद।२।--जिसका नहीं इलाज कुछ, ऐसा है ये रोग।बिना विचारे खुदकुशी, कर लेते हैं लोग।३।--करते...
 पोस्ट लेवल : "विविध दोहावली" दोहे
--कुलदीपक की सहचरी, घर का है आधार।बहुओं को भी दीजिए, बेटी जैसा प्यार।।-- बाबुल का घर छोड़कर, जब आती ससुराल।निष्ठा से परिवार तब, बहुएँ सहीं सम्भाल।।नहीं सुता से कम यहाँ, बहुओं का प्रतिदान।भेद-भाव को त्यागकर, उनको देना मान।।बहुओं से घर का चमन,...
गौरय्या का नीड़, चील-कौओं ने हथियाया हैहलो-हाय का पाठ हमारे बच्चों को सिखलाया है--जाल बिछाया अपना, छीनी है हिन्दी की बिन्दी भीअपने घर में हुई परायी, अपनी भाषा हिन्दी भीखोटे सिक्के से लोगों के मन को बहलाया हैहलो-हाय का पाठ हमारे बच्चों को सिखलाया है--हिन्दीभाषा से ह...
गाँधी बाबा मत करो, आज राम को याद।जन्मभूमि पर हो रहे, जमकर वाद-विवाद।।--हुआ नहीं इस वाद का, अब तक पूर्णविराम।न्यायालय की शरण में, हैं जन-जन के राम।।--सारी दुनिया जानती, भारत के थे राम।फिर क्यों भारत देश में, मचा हुआ कुहराम।।--मन्दिर-मसजिद तक हुई,...
 पोस्ट लेवल : कुछ तो करो यकीन दोहे
--जहाँ एक पथ बन्द हो, मिले दूसरी राह।लेकिन होनी चाहिए, मन में थोड़ी चाह।। --बिना साधना के नहीं, होता कोई काम।लक्ष्य साधने के लिए, है आराम हराम।।-- आगे बढ़ने के लिए, होते बहुत विकल्प।मन में धारण कीजिए, ध्येय और संकल्प।। --अपनी वाणी पर...
 पोस्ट लेवल : दोहे ध्येय और संकल्प