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  Bhai Chara / भाईचारा / Brother HoodBhai Chara / भाईचारा / Brother Hoodक्या गजब है देशप्रेम,क्या स्वर्णिम इतिहास हमारा है|अजब-गजब कि मिलती मिशाले,क्या अद्भुत भाईचारा है||जब भी दुश्मन आता शरहद पर,हमें देशप्रेम बुलाता है|माँ भारती कि आन-बान को,हर भारतवासी...
विनीता अग्निहोत्री की कविताअगस्त पाँच को दीवाली है मनने वालीफिर से भूमि अयोध्या की है सजने वाली खूब बजेंगे शंख-ढोल, मंजीरे-थालीचातक मोर-पपीहा धुन गायेंगे मतवाली झूम उठेगी फिर सरयू के तट हरियालीअब शुभ वेला की तारीख न जाये टाली गाओ नाचों और बजाओ दिल से ता...
हम्मीर हठ Hammir Hathशीघ्र प्रकाश्य ऐतहासिक उपन्यास #हम्मीर_हठ से‘मरहठ्ठी बेगम तुम क्या खुशनसीबी और वक़्त की फेर की बात कर रही हो जबकि सच तो ये है कि आज सारी ज़मीन पर कहीं भी कोई भी तलवारे अलाई का मुकाबला करने की हिम्मत और हिक़ामत नहीं कर सकता।’कह कर सुल्तान अलाउद्दीन...
निमंत्रण पत्र ...लोकार्पण समारोह----- अभिनन्दन ग्रन्थ 'अमृत कलश' -----डा श्याम गुप्तलोकार्पण समारोह----- अभिनन्दन ग्रन्थ 'अमृत कलश' -----डा श्याम गुप्त                                &n...
मुझे याद आओगेकभी तो भूल पाऊँगा तुमको, मुश्क़िल तो है|लेकिन, मंज़िल अब वहीं है||पहले तुम्हारी एक झलक को, कायल रहता था|लेकिन अगर तुम अब मिले, तों भूलना मुश्किल होगा||@ऋषभ शुक्लाहिन्दी कविता मंच
गीत   लिखूँ   प्रीत   में  मनमीत  के  लिखूँभावना  में   बज   रहे   संगीत   के   लिखूँ।।मन्त्रमुग्ध    ही    रहा    हूँ    मोहपाश    मेंदृष्टिपथ   &nbs...
भारत देश, राष्ट्र, व कांग्रेस ---- और कांग्रेस की गलतियां --डा श्याम गुप्त..                         =====================================भारत देश तो १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों की सत्ता से आजाद ह...
 पोस्ट लेवल : भारत राष्ट्र
आज आजाद हुआ भारत ----आज की ग़ज़ल -गज़लोपनिषद ---=============================================******काशी से नरेंद्र भाई मोदी , प्रधान मंत्री भारत सरकार का आह्वान व उद्घोष -----का मूल मन्त्र ---१. कार्य में पारदर्शिता व परिश्रम का समन्वय डा श्याम  २.कार्य...
पवन पुत्र हनुमान वानर नही मानव थे … डा श्याम गुप्त =================================जगह-जगह मन्दिरों में स्थापित हनुमान जी की मूर्तियों को देख कर अधिकाँश हिन्दू और सभी विधर्मियों की आम धारणा है कि भगवान के रूप में प्रतिस्थापित हनुमान बानर थे |\इस धार...
 पोस्ट लेवल : वानर या मानव हनुमान
केदारनाथ जलप्रलय ---माता प्रकृति का श्राप एवं जगत पिता द्वारा दिया गया दंड ---      वह सर्वश्रेष्ठ, जगतपिता अपनी सुन्दरतम सृष्टि, प्रकृति के विनाश के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ रचना, अपने पुत्र मानव को भी नहीं छोड़ता उसके अपराधों का दंड देने...