ब्लॉगसेतु

आँखों को आँसुओं का खजाना बना लिया खामोशियों को दिल का ठिकाना बना लिया चाहतों का दर्द तो सीने में दफ्न हैपीने का हमने खूब बहाना बना लियाअपनी तो हो गयी है हर शाम उसके नामयादे वफा की हमने फसाना बना लिया नजरें मिली तो हमको नजारे न मिल सकेउसकी नजर ने हमको...
 पोस्ट लेवल : ग़ज़ल
 अमल नवल है सुमनरूप का प्रबल चमन हो जहाँ सबल सृजन  अमन का हो आवरण क्यों न फिर पड़े वहाँ देवताओं के चरण वाद हो विवाद हो दुःख का विषाद हो किन्तु बात-बात में प्यार का हो व्याकरण शान्ति का वातावरण प्रीत की हो भावना  गीत की हो साधना  देख कर पड़ाव को...
मेरे खामोश लब पे, ऐ सनम तेरा तराना हैनिगाहें खुद बयां करती कि दिल तेरा दिवाना हैअगर फिर भी यकीं न हो, तो उसकी धड़कनें सुन लो तेरे दिल के समुन्दर में ही, मेरा अशियाना हैतेरे पहलू मे आके खुद का भी अपना मकां होगाइन्ही खुदगर्ज राहों में, गिले-शिकवे मिटाना हैमिटा सक...
 पोस्ट लेवल : ग़ज़ल
दुनिया के रंजो गम मेँ पलना ही गजल है बेजान जिन्दगी में सपना ही गजल है तकदीर की तस्वीर को अक्सर बनाये जोइन झील सी आँखो मेँ बसना ही गजल हैक्या खवाब बेहिसाब बताये कोई घायलदुःख दर्द के जलन मे जलना ही गजल है--मुझे अक्सर सताते है तुम्हारी याद के मौसम, जुदा...
 पोस्ट लेवल : मुक्तक और अशआर
मित्रों!    आप सबको बड़े हर्ष के साथ सूचित कर रहा हूँ कि मैंने गुरुवर डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' जी से अपना ब्लॉग "घरौंदा घायल का" बनवा लिया है।    मैं आदरणीय डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' जी का हृदय से आभार व्यक्त करत...