देहिनोsसिमन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा ।तथा देहान्तर प्राप्तिधीर्रस्तत्र न मुह्यति । ।देहधारी इस मनुष्य शरीर में जैसे बालकपन, जवानी और वृद्धावस्था होती है , ऐसे ही देहान्तर की प्राप्ति होती है । उस विषय में धीर मनुष्य मोहित नहीं होता । गीता का यह श्लोक तो आप सभी ने...