अनुप्रिया के जन्मदिन परगीत*बिंदु-बिंदु सूरज बन चमके *माथे पर हो या कागज़ परबिंदु बिंदु सूरज बन चमकेरेखा-रेखा में जीवन होवर्तुल-वृत्त उमंग भरे होंआकारों में निराकार होसाकारों से रंग झरे होंहर निर्मिति में भाव बिम्ब रसअनायास मोती सम दमके जिया जिया में अनुप्रिया हो अ...