ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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हैदराबाद में चिकित्सक महिला के साथ हुई वीभत्स वारदात के बाद पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है. इस बहस के केन्द्र में जहाँ महिलाओं की सुरक्षा है, शासन-प्रशासन की कानून व्यवस्था है वहीं इसके साथ-साथ मजहब विशेष के पुरुषों द्वारा ऐसे जघन्...
Yashoda Agrawal
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साँप, बाज, और ब्राह्मणी, इन तीनों में अपराधी कौन?बनारस में देवस्वामी नाम का एक ब्राह्मण रहता था। उसके हरिदास नाम का पुत्र था। हरिदास की बड़ी सुन्दर पत्नी थी। नाम था लावण्यवती। एक दिन वे महल के ऊपर छत पर सो रहे थे कि आधी रात के समय एक गंधर्व-कुमार आकाश में घूमता हुआ...
kumarendra singh sengar
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समाज में अच्छे बुरे लोगों का अस्तित्व हमेशा से रहा है और हमेशा ही रहेगा. ये कोई आज की बात नहीं वरन जबसे समाज का निर्माण हुआ है तभी से ऐसी स्थिति रही है. किसी एक बुरी घटना के हो जाने पर या फिर बुरी घटनाओं के लगातार होते रहने पर लोगों द्वारा ऐसा माहौल बनाया जाने लगता...
महेश कुमार वर्मा
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7 वर्षीय बच्ची की संदेहास्पद मौत पर पुलिस की संदेहास्पद भूमिकाकल होली के दिन 21 मार्च 2019 को पटना के मैनपुरा में LCT घाट व रामजानकी मंदिर के बीच कनुआन गली में एक 7 वर्षीय बच्ची की संदेहास्पद मौत हो गई।  इस संदेहास्पद मौत से कई सवाल उठ रहे हैं। घटनास्थल पर पु...
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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 समाचार आया है -"अदालत ने हत्या के अपराधी की कविताएँ पढ़कर मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में बदला"सर्वोच्च न्यायालय का न्याय सुनो मख़मली भावों की ख़ूबसूरत क़ालीन बुनो 22 वर्ष की आयु में मासूम बच्चे का अपहरण फिर हत्या कर डाली क़ानून...
kumarendra singh sengar
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हम सब नागरिक बहुत परेशान हैं. समाज में रोज ही बलात्कार की खबरें आ रही हैं. अब तो बच्चियों के साथ बलात्कार की खबरें आने लगी हैं. इन खबरों को पढ़कर, सोशल मीडिया पर देखकर खून खौल जाता है मगर बस उतनी देर ही खौलता रहता है जितनी देर तक हम सब अपना स्टेटस, कोई फोटो सोशल मीड...
kumarendra singh sengar
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दिल्ली गैंगरेप के बाद दिल्ली समेत देश के कई भागों में इन बलात्कारियों को फाँसी की सजा देने की माँग जोर पकड़ने लगी थी, ऐसा ही कुछ अब हो रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे बलात्कारियों के लिए फांसी की सजा के निर्धारण से देश में बलात्कारियों में डर व्याप्त हो जायेगा अथवा बलात्...
kumarendra singh sengar
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लगता है कुछ लिखने, विचार करने, आपसी संवाद करने का अब कोई अर्थ नहीं रह गया है. समाज में एक तरफ जहाँ भयावहता बढ़ती दिख रही है वहीं उसके साथ-साथ वैमनष्यता भी बढ़ती दिख रही है. एक-दूसरे के साथ संवाद-हीनता की स्थिति तो बढ़ ही रही है, एक-दूसरे पर अविश्वास भी बढ़ता जा रहा है....
kumarendra singh sengar
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अब हम सभी लोग वाकई बुद्धिजीवी वर्ग में शामिल हो चुके हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि यही एक वर्ग ऐसा है जो भावनात्मक होकर कभी किसी बात पर विचार नहीं करता है वरन हर एक बात को बुद्धि के तराजू से तौलता है. दिल के बजाय दिमाग का उपयोग करते हुए यह वर्ग सारे पहलुओं पर सिर्फ और सिर...
kumarendra singh sengar
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कुछ समय पहले एक आलेख प्रकाशित हुआ था, जिसमें हमने ये बताने का प्रयास किया था कि इन्सान की मूल प्रवृत्ति हिंसक है. आदिमानव से लेकर वर्तमान महामानव बनने तक के सफ़र में इन्सान ने बहुत कुछ छोड़ा, बहुत कुछ अपनाया मगर वो अपनी हिंसक प्रवृत्ति को नहीं छोड़ सका. विकास की अवस्थ...