ब्लॉगसेतु

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हिन्दी साहित्य काउभरता हुआ युवा सिताराअमन चाँदपुरी नहीं रहा...*****************मेरे लिए यह व्यक्तिगत क्षति है।11 अप्रैल, 2016 कौ मैंनेखटीमा में आयोजित दोहाकार समागम मेंउन्हें “दोहा शिरोमणि से अलंकृत किया था।*****************श्रद्धांजलि स्वरूप उन्हीं की एक क्षणिक...
भावना  तिवारी
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अमन चाँदपुरी के दस दोहेपथ तेरा खुद ही सखे, हो जाये आसान।यदि अंतर की शक्ति की, तू कर ले पहचान।1।--निश्चित जीवन की दिशा, निश्चित अपनी चाल। सदा मिलेंगे राह में, कठिनाई के जाल।2।-- चिर निद्रा देने उन्हें, आते कृपा-प्रवीण।3।निद्रा लें फुटपाथ पर, जो आवास विहीन। -- गर्मी...
भावना  तिवारी
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पाँच क्षणिकाएँ---(1) 'परिवर्तन'जीवन में परिवर्तन जरूरी होता है उसे उत्कृष्ट बनाने के लिए जैसे, कुछ समय पहले अपनी ही रची हुई कविता में परिवर्तन करना।(2) 'कब्र में'ज़िन्दगी के दरवाजे पर हलचल कर रही है मौत अन्त समय में ठंडक कुछ ज़्यादा ही सता र...
भावना  तिवारी
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"पाँच हाइकु"------- 1. नन्हीं गौरैया कमरे में आते ही पंखे से भिड़ी।2. धान लगाती ढेर सारी गोपियाँ कजरी गाती।3. हार पे हार बहुत निर्लज्ज है फिर तैयार।4. बिखरे बीज धरती खुश हुई मिली संतान।5. बड़ा सुकून कन्धों पर उठाया चार लोगों ने।अमन चाँदपुरी