अमन चाँदपुरी के दस दोहेपथ तेरा खुद ही सखे, हो जाये आसान।यदि अंतर की शक्ति की, तू कर ले पहचान।1।--निश्चित जीवन की दिशा, निश्चित अपनी चाल। सदा मिलेंगे राह में, कठिनाई के जाल।2।-- चिर निद्रा देने उन्हें, आते कृपा-प्रवीण।3।निद्रा लें फुटपाथ पर, जो आवास विहीन। -- गर्मी...