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Lokendra Singh
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अमरकंटक दर्शन - 10अपना वीडियो पार्क पर देखें शम्भू धारा की खूबसूरतीशम्भू धारा जल प्रपात माँ नर्मदा उद्गम स्थल से तकरीबन 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ तक पहुँचने के लिए घने जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है। यहाँ जंगल इतना घना है कि धूप धरती को नहीं छू पाती है। ऊंचे औ...
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अमरकंटक दर्शन - 9पृथ्वी पर भगवान शिव का धाम (निवास) कहाँ है? यदि यह प्रश्न आपके सामने आएगा तो अधिक संभावना है कि आप क्षणभर गंवाए बिना उत्तर देंगे- ‘और कहाँ, कैलाश।’ अपने उत्तर में दूसरा स्थान आप ‘काशी’ भी जोड़ सकते हैं। किंतु, ‘अमरकंटक’ शायद ही आपके ध्यान में आए। ज...
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अमरकंटक दर्शन - 8किसी भी स्थान के नामकरण के पीछे कोई न कोई कहानी होती है। धार्मिक पर्यटन स्थल पर यह नियम विशेष रूप से लागू होता है। अमरकंटक के ‘धूनी-पानी’ की कहानी भी बड़ी रोचक है। स्वाभाविक ही किसी स्थान के नाम में ‘धूनी’ से आभास होता है कि यह कोई ऐसा स्थल है जहाँ...
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अमरकंटक दर्शन - 7अमरकंटक के जंगल में, ऊंचे पहाड़ पर एक चट्टान ऐसी है, जिसमें 12 महीने पानी रहता है। चट्टान में एक छेद है, उसमें हाथ डाल कर अंजुली भर जल निकाल सकते हैं। इस आश्चर्यजनक चट्टान को भृगु का कमंडल कहा जाता है। मेरे मित्र अशोक मरावी और मुकेश ने जब मुझे यह ब...
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अमरकंटकदर्शन - 6अमरकंटक की पहली पहचान माँ नर्मदा नदी के उद्गम और वन्यप्रदेश के रूप में है। लेकिन, यह सामाजिक आंदोलन के प्रख्यात संत कबीर महाराज की तपस्थली भी है। अमरकंटक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित कबीर चबूतरा वह स्थान है, जहाँ कबीर की उपस्थिति को...
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कालिदास के मेघदूत भी यहाँ आकर ठहरेअमरकंटक को मध्यप्रदेश के वनप्रदेश की उपमा प्राप्त है। आम, महुआ और साल सहित नाना प्रकार के वृक्ष मैकाल पर्वत का श्रृंगार करते हैं। अमरकंटक के जंगलों में आम के वृक्ष अधिक होने के कारण प्राचीन ग्रंथों में आम्रकूट के नाम से भी इस स्थान...
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अमरकंटक दर्शन - 5- लोकेन्द्र सिंह - दुर्गा धारा एक बहुत छोटा जल प्रपात है, लेकिन बहुत रमणीय है। मई माह की गर्मी में भी यह झरना चल रहा था। बारिश में यहाँ के दृश्य की कल्पना करके ही मन आल्हादित हो रहा था और इच्छाएं बार-बार हूँक मार रही थीं कि एक बार इस स्थान पर...
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अमरकंटक दर्शन - 4- लोकेन्द्र सिंह -कपिल धारा से उतरकर तकरीबन 200 मीटर की दूरी पर नर्मदा का एक और जल प्रपात है, जिसे दूध धारा कहते हैं। दरअसल, इस जल प्रपात में पानी इतनी तेजी से गिरता है कि उसका रंग दूध की तरह धवल दिखाई देता है। और भी जनश्रुति हैं, इस नाम के पीछे। अ...
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अमरकंटक दर्शन - 3- लोकेन्द्र सिंह -नर्मदा उद्गम स्थल से लगभग 6 किमी दूर स्थित है कपिल धारा। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए तो प्रसिद्ध है ही, आध्यात्मिक ऊर्जा की दृष्टि से भी महत्त्व रखता है। यहाँ प्राचीन काल में ऋषि-मुनि साधना करते थे। यह ऋषि कपिल मुनि का...
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अमरकंटक दर्शन - 2- लोकेन्द्र सिंह -नर्मदाकुंड से पूर्व दिशा की ओर लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर माई की बगिया स्थित है। यह बगिया माँ नर्मदा को समर्पित है। यह स्थान हरे-भरे बाग की तरह है। एक छोटा-सा मंदिर है। यहाँ एक कुण्ड भी है, जिसे चरणोदक कुण्ड के नाम से जाना जाता ह...