ब्लॉगसेतु

Yashoda Agrawal
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मोहब्बत हो गई जिस को उसे अब देखना क्या हैभला क्या है बुरा क्या है सज़ा क्या है जज़ा क्या हैज़रा तुम सामने आओ नज़र हम से तो टकरावकिसे फिर होश हो तुम ने कहा क्या है सुना क्या हैमोहब्बत जुर्म ऐसा है कि मुजरिम है खड़ा बे-सुधकिया क्या है गुनह क्या है सज़ा क्या है ख़ता क...
 पोस्ट लेवल : अमर उजाला माहम शाह
Bharat Tiwari
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Chhapaak Review: छपाक से देखो  छपाक हर उस युवती की फिल्म है जिसने कुछ कर दिखाने का सपना देखा हैChhapaak Review: दीपिका और मेघना की जुगलबंदी ने किया कमाल, तपाक से देख आइए छपाकसाभार अमर उजाला छपाक का रिव्यु कलाकार: दीपिका पादुकोण, विक्रांत मैसी, म...
kumarendra singh sengar
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पिछले दिनों अमेरिका द्वारा आतंकवाद को समर्थन देने वाले कतिपय देशों के खिलाफ बमबारी की गई. समूचे विश्व में इस तानाशाहात्मक रवैये का विरोध किया गया. भारत ने बड़े ऊँचे सुर में इस कार्यवाही का समर्थन किया कि वह आतंकवाद के विरुद्ध की गई कार्यवाहियों का समर्थन करता है. इस...
kumarendra singh sengar
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जिस तरह की स्थितियाँ देश में, प्रदेश में बन रही हैं वे सारी की सारी किसी न किसी रूप में गृहयुद्ध की पृष्ठभूमि तैयार कर रही हैं. विदेशों में हुई क्रांतियाँ इस तरह के सामाजिक वातावरण के बाद ही उत्पन्न हुई थी, जैसी कि स्थितियाँ भारतीय समाज में बन-बिगड़ रही हैं. यह बात...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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"26 सितंबर 1923 को देव आनंद पैदा हुए थे। उन्हें हमसे बिछड़े लगभग सात साल हो गए हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा के इस विलक्षण व्यक्तित्व को आज भी लोग दिल से याद करते हैं। बार-बार उनकी फिल्में देखते हैं और कई बार उनकी नकल भी करते हैं। उनकी याद में खास- चित्र साभार :&nbsp...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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अनुच्छेद 370 का स्वरूपअनुच्छेद 370 का वर्णन हमारे संविधान में है। यह एक अस्थायी प्रबंध है, जिसके जरिये जम्मू और कश्मीर को विशेष स्वायत्तता वाले राज्य का दर्जा दिया गया है। इससे संबंधित प्रावधानों की चर्चा संविधान के भाग 21 में है, जो अस्थायी, परिवर्ती और विशेष प्रब...
kumarendra singh sengar
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भारतीय संस्कृति और सभ्यता की रक्षक के रूप में उदीयमान हुए दल भाजपा की वर्तमान शैली अब मात्र सत्ता सुख की परिचायक नजर आ रही है. किसी ज़माने में दो की एकल संख्या से आज सैकड़े में पहुँचने वाली इस पार्टी का जो अभियान, जोश बुलंदी पर था, वह अब निश्चय ही निम्न से निम्नतर की...
kumarendra singh sengar
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पिछले दिनों उ०प्र० की राजनीति में अच्छाई व बुराई दोनों रूपों को देखने का मौका मिला. बुराई के रूप में यदि विधानसभा में जूते, माइक बगैरह चले तो अच्छाई के तहत राज्यपाल ने कल्याण सिंह सरकार को बहुमत सिद्ध करने का मौका दिया. बुराई का एक क्षण देश की मोर्चा सरकार द्वारा र...
kumarendra singh sengar
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ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ की भारत यात्रा का क्या मकसद है, यह किसी ने ज़ाहिर नहीं किया परन्तु जलियांवाला बाग़ की यात्रा करना अवश्य उनकी मानसिकता को उजागर करता है. आख़िरकार जिस देश ने कभी हम पर शासन किया हो और शासन ख़तम हुए भी महज 50 वर्ष बीते हैं, तो कहीं न कहीं महारा...
kumarendra singh sengar
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यदि आज यह सवाल किया जाये तो संभव है कि वह सवाल करने वाले को मूर्ख ही समझे. यह एक कटु सत्य है कि आज से पचास वर्ष पूर्व स्वतंत्र होने के बाद भी हम स्वतंत्र नहीं हैं. यदि ऐसा हो तो सोचने की बात है कि हम परतंत्र किस दृष्टि से हैं. यदि हम अपने जमीर की आवाज़ को सुनकर अपने...