ब्लॉगसेतु

Rajeev Upadhyay
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मेरा शहर एक लम्बी बहस की तरह है सड़कें - बेतुकी दलीलों-सी… और गलियाँ इस तरह जैसे एक बात को कोई इधर घसीटता कोई उधर हर मकान एक मुट्ठी-सा भिंचा हुआ दीवारें-किचकिचाती सी और नालियाँ, ज्यों मुँह से झाग बहता है यह बहस जाने सूरज से शुरू हुई थी जो उसे देख कर यह और गरमाती और...
 पोस्ट लेवल : कविता अमृता प्रीतम
Rajeev Upadhyay
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मैं चुप शान्त और अडोल खड़ी थी सिर्फ पास बहते समुन्द्र में तूफान था……फिर समुन्द्र को खुदा जाने क्या ख्याल आया उसने तूफान की एक पोटली सी बांधी मेरे हाथों में थमाई और हंस कर कुछ दूर हो गया हैरान थी…. पर उसका चमत्कार ले लिया पता था कि इस प्रकार की घटना कभी सदियों में...
 पोस्ट लेवल : कविता अमृता प्रीतम
Rajeev Upadhyay
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यह आग की बात है तूने यह बात सुनाई है यह ज़िंदगी की वो ही सिगरेट है जो तूने कभी सुलगाई थी चिंगारी तूने दे थी यह दिल सदा जलता रहा वक़्त कलम पकड़ कर कोई हिसाब लिखता रहा चौदह मिनिट हुए हैं इसका ख़ाता देखो चौदह साल ही हैं इस कलम से पूछो मेरे इस जिस्म में तेरा साँस चलता...
 पोस्ट लेवल : कविता अमृता प्रीतम
Rajeev Upadhyay
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आज हमने एक दुनिया बेची और एक दीन ख़रीद लिया हमने कुफ़्र की बात की सपनों का एक थान बुना था एक गज़ कपड़ा फाड़ लिया और उम्र की चोली सी ली आज हमने आसमान के घड़े से बादल का एक ढकना उतारा और एक घूँट चाँदनी पी ली यह जो एक घड़ी हमने मौत से उधार ली है गीतों से इसका दाम चुका...
 पोस्ट लेवल : कविता अमृता प्रीतम
Rajeev Upadhyay
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तुम मिले तो कई जन्म मेरी नब्ज़ में धड़के तो मेरी साँसों ने तुम्हारी साँसों का घूँट पिया तब मस्तक में कई काल पलट गए! एक गुफा हुआ करती थी जहाँ मैं थी और एक योगी योगी ने जब बाजुओं में लेकर मेरी साँसों को छुआ तब अल्लाह क़सम! यही महक थी जो उसके होठों से आई थी-- यह क...
 पोस्ट लेवल : कविता अमृता प्रीतम
Rajeev Upadhyay
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आज सूरज ने कुछ घबरा कररोशनी की एक खिड़की खोलीबादल की एक खिड़की बंद कीऔर अंधेरे की सीढियां उतर गया…आसमान की भवों परजाने क्यों पसीना आ गयासितारों के बटन खोल करउसने चांद का कुर्ता उतार दिया…मैं दिल के एक कोने में बैठी हूंतुम्हारी याद इस तरह आयीजैसे गीली लकड़ी में सेगह...
 पोस्ट लेवल : कविता अमृता प्रीतम
अनंत विजय
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अमृत कौर। सौ साल पहले एक ऐसी शख्सियत का जन्म हुआ था जिसने अपनी लेखनी और अपने व्यक्तित्व से भारतीय साहित्य को गहरे तक प्रभावित किया और दुनिया उसको अमृता प्रीतम के नाम से जानती है। उन्होंने जो जिया उसको ही लिखा । अविभाजित भारत में पैदा हुई अमृता को साहित्य का संस्कार...
 पोस्ट लेवल : इमरोज अमृता प्रीतम
अनंत विजय
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गगन गिल हिंदी की प्रतिष्ठित कवयित्री हैं। उनके कई कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने विपुल अनुवाद भी किया है। अंग्रेजी साहित्य में एम ए करने के बाद गगन गिल ने पत्रकारिता में अपना करियर शुरू किया लेकिन पत्रकारिता को छोड़कर वो पूर्णकालिक लेखक हो गईं। उनकी...
 पोस्ट लेवल : गगन गिल अमृता प्रीतम
kumarendra singh sengar
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यदि प्रेम में डूबी हुई कविताओं, रसीदी टिकट, साहिर और इमरोज की बात की जाये तो स्वतः ही एक नाम सामने आता है, अमृता प्रीतम का. उनका जन्म आज, 31 अगस्त 1929 को गुंजरावाला पंजाब (अब पाकिस्तान में) में हुआ था. बंटवारे के बाद उनका परिवार हिन्दुस्तान आ गया. ग्यारह वर्ष की उ...
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार मित्रो,यदि प्रेम में डूबी हुई कविताओं, रसीदी टिकट, साहिर और इमरोज की बात की जाये तो स्वतः ही एक नाम सामने आता है, अमृता प्रीतम का. उनका जन्म आज, 31 अगस्त 1929 को गुंजरावाला पंजाब (अब पाकिस्तान में) में हुआ था. बंटवारे के बाद उनका परिवार हिन्दुस्तान आ गया. ग...