ब्लॉगसेतु

दिनेशराय द्विवेदी
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अम्बेडकर जी के बारे में मैं ने बहुत कम पढ़ा है, एक स्कूली विद्यार्थी के बराबर। पर इतना जानता हूँ कि वे अत्यन्त प्रतिभाशाली थे। उन्होंने भारतीय संविधान की रचना की और उसे संविधान सभा से पारित कराया। वे दलित थे और दलितों की दमन से मुक्ति चाहते थे। उन्हों ने बौद्ध...
निरंजन  वेलणकर
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छहदशकपूर्वभारत प्रजासत्ताक बनाऔर उसने धर्म- निरपेक्ष समाजवादी संविधान का अंगीकार किया।इस संविधानके मूलभूत ढांचे मेंदेश के नागरिकों कोउनकीजाति, धर्म और लिंग इनकाविचारन करते हुएसमान अवसरदिए गये है।फिर भी भारत में जातियहभेदभाव का सबसे बडापारंपारिक प्रतिक है। आधुनिकता,...
sanjeev khudshah
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डॉं अम्बेडकर की 125वी जयंती पर सात दिवसीय आयोजनसंजीव खुदशाहसाथियों जैसा की आपको मालूम है कि छत्ती सगढ नागरीक संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले डॉं अंबेडकर जयंती के अवसर पर 8 से 14 अप्रैल तक आजादी महोत्समव 2016 का आयोजन किया गया। राज्य में लंबी अवधी का संभवत: ये पहला...
रणधीर सुमन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय' के मंत्र को अहम बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अंबेडकर के विचारों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। मोदी ने कहा कि देश की एकता में अंबेडकर के योगदान को कभी नकारा नहीं जा सकता हैअम्बेडकर  ने 1935 कहा कि...
दिनेशराय द्विवेदी
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हम अन्याय को संस्थाबद्ध करते जा रहे हैं -अरुंधति रॉय(लीजिए, हिंदी में पढ़िये अरुंधति का इंटरव्यू। गोरखपुर फ़िल्म फ़ेस्टिवल के दौरान 23 मार्च को मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय से हुई मेरी बातचीत अंग्रेज़ी पाक्षिक “गवर्नेंस नाऊ” में छपी है। लेकिन जब लोग यह जान गये हैं क...
Ashok Kumar
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संजय जोठे हमारे समय में और खासकर आजादी के इतने सालों बाद जबकि राजनीतिक परिवर्तन और सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में बहुत सारा श्रम और समय लगाया जा चुका है, ऐसे समय में आंबेडकर को लेकर बात करना बहुत जरुरी और प्रासंगिक होता जा रहा है. गांधीवाद का सम्मोहन या तो ट...
 पोस्ट लेवल : अम्बेडकर संजय जोठे
हर्षवर्धन त्रिपाठी
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महापुरुष होते हैं। बनाए जाते हैं। अद्भुत व्यक्तित्व के बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर दोनों थे। ये अलग बात है कि उनके हाथ में कानून की किताब संविधान विशेषज्ञ टाइप का और दलित हितों के रक्षक का ठप्पा, यही वाला उनके साथ सबसे मजबूती से जुड़ा रहा। लेकिन, डॉक्टर अम्बेड...
राजेश कश्यप
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14 अप्रैल / 125वीं जयन्ति विशेष क्यों, कब और कैसे बने दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव अम्बेडकर?-राजेश कश्यपडॉ. भीमराव अम्बेडकर             जब-जब मानवता पर अमानवता हावी हुई, धर्म पर अधर्म भारी हुआ, अच्छाई पर बुराई छाई और सत्य...
 पोस्ट लेवल : डॉ. भीमराव अम्बेडकर
राजेश कश्यप
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14  अप्रैल /125वीं जयंति विशेषडा. अम्बेडकर की अमरवाणी-राजेश कश्यप डा. भीम राव अम्बेडकर           जब-जब मानवता पर अमानवता हावी हुई, धर्म पर अधर्म भारी हुआ, अच्छाई पर बुराई छाई और सत्य पर असत्य का बोलबाला हुआ, तब-तब इ...
 पोस्ट लेवल : डा. भीम राव अम्बेडकर
रणधीर सुमन
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दलित बहुजन राजनीति की ओर दलित सेना से निकाले जाने के बाद मेरे लिए अगला स्वाभाविक ठिकाना बहुजन समाज पार्टी और उस जैसी सोच रखने वाले संस्था, संगठन थे, मैं अपने आपको अब वैचारिक रूप से इन्हीं के करीब पाता था, मैंने सोच रखा था कि किसी दिन अगर मैं सक्रिय राजनीति का ह...