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ANITA LAGURI (ANU)
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तापस       मेरी डायरीयों के पन्नों में,       रिक्तत्ता शेष नहीं अब,       हर शुं तेरी बातों का         सहरा है..!   &...
Ravindra Pandey
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मैं मछली हूँ, मुझे पानी दो...--------------*****-------------मैं मछली हूँ, मुझे पानी दो...कुछ सांसे दो, जिंदगानी दो...मैं मछली हूँ, मुझे पानी दो...मैं पोखर तालों में रहती, मैं हर मौसम को हूँ सहती...चाहे मुझे कहो कुछ भी, मैं ना किसी को कुछ कहती...मुझे बहते जल की रवा...