ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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मीडिया और उसकी भूमिका या उसके काम करने का तरीका एक ऐसा विषय है जिसपर घंटों बात हो सकती है, पक्ष में भी और विपक्ष में भी। मीडिया पर होनेवाली चर्चा में कुछ ऐसी बातें भी होती हैं जो पिछले कई सालों से बोली जा रही है यथा मीडिया चौराहे पर खड़ी है, मीडिया पर विश्वसनीयता क...
अनंत विजय
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एक थे राजेन्द्र यादव। हिंदी में कहानियां लिखते थे। हंस पत्रिका के संपादक थे। नामवर सिंह उनको विवादाचार्य कहते थे। राजेन्द्र यादव को विवादों में मजा आता था। उनके पास खबरों में बने रहने की कला थी। वो तब दुखी होते थे जब बहुत दिनों तक उनका नाम मीडिया में नहीं उछलता था,...
अनंत विजय
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दिल्ली में एक संस्था है रजा फाउंडेशन। यह संस्था विश्व प्रसिद्ध चित्रकार सैयद हैदर रजा के नाम पर स्थापित है। रजा के मित्र अशोक वाजपेयी इस संस्था के सर्वेसर्वा हैं। हिंदी जगत में यह माना जाता है कि रजा के नाम पर स्थापित ये संस्था रजा साहब के अर्जित धन से चलता है। अशो...
अनंत विजय
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इन दिनों पूरे देश में चुनाव का माहौल है। राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। हर दल लोकसभा में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की जुगत में है। गठबंधन और महागठबंधन हो रहे हैं। किसी का साथ छूट रहा है तो किसी का हाथ थामा जा रहा है। एक दूसरे के वैचारिक विरोधी साथ मिलकर चुनाव लड़न...
अनंत विजय
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साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ तिवारी ने अपनी पत्रिका ‘दस्तावेज’ में लंबा संपादकीय लिखकर अवॉर्ड वापसी की मुहिम के संगठित अभियान होने का दावा किया है। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने कई प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं। तिवारी ने अपने संपादकीय में लिखा ‘पुरस्का...
अनंत विजय
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हिंदी साहित्य जगत में एक बार फिर से लेखक संगठनों पर सवाल उठ रहे हैं। इस बार सवाल उठाया है हिंदी के वरिष्ठतम लेखकों में से एक अशोक वाजपेयी ने । हाल ही में उन्होंने वामपंथ को लेकर जो टिप्पणी की है उसके लपेटे में लेखक संगठन भी आ गए हैं। अशोक वाजपेयी के मुताबिक ‘वाम रु...
अनंत विजय
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करीब तेरह साल पहले की बात होगी जब तस्लीमा नसरीन पहली बार दो हजार चार में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दिल्ली आई थी, जहां इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में उनका कार्यक्रम था। तस्लीमा के दिल्ली आने के दस साल पूर्व ही उनका उपन्यास लज्जा हिंदी में प्रकाशित होक...
अनंत विजय
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बिहार में विश्व कविता समारोह का प्रस्तावित आयोजन और उसमें अशोक वाजपेयी की केंद्रीय भूमिका लंबे समय तक साहित्य जगत में चर्चा के केंद्र में रहा। अशोक वाजपेयी ने इस मसले पर पहली बार इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने बिहार सरकार को विश्व कविता समारोह के बारे में प्...
अनंत विजय
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हाल ही में बिहार सरकार के कला, संस्कृति और युवा विभाग के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय ने दो हजार सत्रह अठारह के लिए अपना सांस्कृतिक कैलेंडर जारी किया। इस कैलेंडर में विभाग द्वारा आयोजित तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम, उसको आवंटित राशि, संभावित बजट, स्थान, माह के अ...
Bharat Tiwari
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लय के बिना, कोई कविता नहीं होगी— अशोक वाजपेयी (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हम ‘जीवन की लय’ की बातें करते हैं और कई बार अफसोस जताते हैं कि हमारे समय ने ये 'लय' खो दी है। जीवन की ठीक यही लय दुनिया में कविता के बीज बोती है। लय के ब...