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Saransh Sagar
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नाम - कुशमा गोसाईं.., 10 साल का बेटा - रामू गोसाईं..,चारों थैलों का वजन 105 किलो.. आज दोपहर करीब 3:00 बजे जब मैं "गुलधर" रेलवे स्टेशन पर उतरा तो सहसा कानों में एक आवाज सुनाई दी--"भैया ई थैला उठवा दीजिए तो "।  पीछे मुड़कर देखा तो लगभग 30 साल की एक महिला खड़ी थ...
Saransh Sagar
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अधिकांशतः अपने प्रत्येक मधुर व कटु अनुभव को इस प्रकार के शब्द व भाव देने का प्रयास करता हूं कि घटना आप तक यथावत पहुंचे... अभी दिल्ली से घर के लिए निकला हूं, टिकट लेने के लिए लाइन में लगा हुआ था, आजकल बुकिंग क्लर्क के नाम की नेमप्लेट सामने रखी होती है, दिनेश नाम क...
Saransh Sagar
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घटना 23 जून रात की है, किसी कारण आधी रात में ही गुड़गांव से निकलना पड़ा, करीब 2:00 बजे पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचा, गाड़ी का पता किया 2 घंटे बाद प्लेटफार्म नंबर 14 पर आनी थी तो वहीं जाकर बैठ गया | अचानक अपने पीछे गिलासी खड़कने की आवाज आई, मुड़कर देखा तो कर...