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Sanjay  Grover
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Photo By Sanjay Groverग़ज़लआओ सच बोलेंदुनिया को खोलेंझूठा हंसने सेबेहतर है रो लेंपांच बरस ये, वोइक जैसा बोलेंअपना ही चेहराक्यों ना ख़ुद धो लेंराजा की तारीफ़जो पन्ना खोलें !क्या कबीर मंटो-किस मुह से बोलें !सबको उठना है-सब राजा हो लें ?वे जो थे वो थेहम भी हम हो लें बैन...
अविनाश वाचस्पति
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शील से कोई सरोकार नहीं पुलिस का पुलिस चाहे दिल्‍ली की हो मुंबई की चैन्‍ने की कोलकाटा की पुणे की आंध्र प्रदेश कीया किसी भी शहर कीअथवा गांव की क्रूर ही होती है हीनता ने उसके डेरे संभाल लिए हैं संवेदना तो होती है पुलिस में पर हीनता से जुड़ती है वह शील और हीन से क्‍या...