ब्लॉगसेतु

ज्योति  देहलीवाल
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5000 रुपए में एक किलों गुड़, विश्वास नहीं होता न! लेकिन ये कोई फेक न्यूज़ नहीं है। हमारे देश में कलाकारों की कमी नहीं है। लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि हमारा मीड़िया ऐसे कलाकारों की, असली हीरों की कहानियां हमें बताता ही नहीं। इसलिए मैं "आपकी सहेली-ज्योति देहलीवाल" अपने...
ज्योति  देहलीवाल
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साल 2009 में आई फ़िल्म 'थ्री इडियट्स' आज भी हम सभी के जेहन में बसी हुई है। खासकर फ़िल्म के एक किरदार 'रैंचो' के मुंह से निकले संवाद तो कई लोगों को जुबानी याद हो गए है। इसका एक संवाद था,"सक्सेस के पीछे मत भागो,एक्सिलेंस के पीछे भागों...सक्सेस झक मार के तुम्हारे पीछे आ...
ज्योति  देहलीवाल
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आज भी जहां थोड़ा सा कम दहेज मिलने पर दुल्हन को जला दिया जाता है, जरा सी बात पर वर पक्ष नाराज होकर बारात वापस ले जाते है; ऐसे वक्त लगता है कि क्या इस संसार में कोई किसी से सच्चा प्यार कर सकता है? प्यार में चांद तारे तोड़ लाने की कसमें तो बहुत सारे प्रेमी खाते है लेकिन...
ज्योति  देहलीवाल
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नवरात्रि में, दिपावली में या ऐसे ही अन्य त्यौहारों पर अखंड दिया जलाया जाता है। अखंड दिया जलाते वक्त हर समय चौकन्ना रहना पड़ता है कि कहीं दिये का तेल खत्म न हो जाए! इस समस्या का समाधान लेकर आएं है, नेशनल मेरिट एवार्ड से सम्मानित कुम्हार पारा (कोंडागांव) निवासी श्री अ...
ज्योति  देहलीवाल
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गांधी जयंती पर गांधी जी को एक आम नागरिक का खत... प्रिय बापू, हम पूरे भारतवासी आज भी आपको अपने बीच जीवित पाते हैं! आप आज भी हमारे दिलों-दिमाग में अमर हैं!! कहा जाता हैं, बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया और इस सबसे बड़े रुपैये पर आप अंकित हो!! यहीं तो सबसे बड़ा...
ज्योति  देहलीवाल
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''ये दोस्ती, हम नहीं तोड़ेंगे, तोड़ेंगे दम मगर तेरा साथ ना छोड़ेंगे...'' शोले फिल्म के इस गाने को चरितार्थ किया हैं याकूब मोहम्मद ने। कोरोना के कारण जब सभी ओर से सिर्फ़ नकारात्मक ख़बरे देखने और सुनने मिल रही हैं, तब दिल को सुकून देती एक सकारात्मक ख़बर पढ़ी। याकूब ने बता द...
ज्योति  देहलीवाल
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गांधी जी को ना सिर्फ भारत बल्कि दुनिया में भी विशेष ख्याति प्राप्त है। इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि दुनिया के महान वैज्ञानिकों में शुमार आइंस्टीन ने कहा था कि कुछ सालों बाद लोग इस बात पर यकीन नहीं करेंगे कि महात्मा गांधी जैसा इंसान कभी भी इस धरती...
ज्योति  देहलीवाल
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भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने के बावजूद अक्सर लोग यह कहते सुने जा सकते हैं कि एक वोट से क्या होगा। हमारे देश में वोट देने के दिन लोगों को जरूरी काम याद आने लग जाते हैं। कई लोग तो वोट देने के दिन अवकाश का फायदा उठाकर परिवार के साथ पिकनिक मनाने चले जात...
ज्योति  देहलीवाल
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भारत में महिलाओं को आशिर्वाद दिया जाता हैं कि दूधो नहाओं, पूतों फलों...सात बेटों की माँ हों!!! हर माता-पिता को बेटे की चाहत होती हैं और हर दादा-दादी को सोने की सीढ़ी चढ़ने के लिए पोता और बाद में पड़पोता ही चाहिए होता हैं। यह नारी का बहुत दुर्भाग्य ही हैं कि उसके दासता...
ज्योति  देहलीवाल
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इस कलयुग में भी ज्यादातर इंसान कुछ अच्छा करना चाहते हैं ताकि समाज का कुछ भला हो, वे किसी के आँसू पोंछ सके। लेकिन जवानी में रोजी-रोटी कमाने से फ़ुरसत नहीं मिलती और बुढ़ापे में जर्जर काया एवं सीमित संसाधनों के कारण क्या करें ये इंसान समझ नहीं पाता! आइए, आज मैं आपको म...