ब्लॉगसेतु

ज्योति  देहलीवाल
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दोस्तों, जैसा कि आपकी सहेली की हमेशा कोशिश रहती हैं कि देश के असली हीरो से आप लोगों को मिलवाऊं। इसी कोशिश के अंतर्गत आज मीलिए, 19 साल की सीनू से जिन्होंने महिलाओं और लड़कियों को समाज की हैवानियत और बलात्कार से बचाने के लिए 'रेप प्रूफ पैंटी' बनाई हैं! उत्तर प्रदेश के...
ज्योति  देहलीवाल
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हम अक्सर जरा सी मुश्किलों से ही हिम्मत हार जाते हैं। मुश्किलों से लड़ने की बजाय ईश्वर को और अपने आप को कोसने लगते हैं। हम अक्सर ये वाक्य दोहराते हैं कि यदि मेरे साथ ऐसा नहीं होता तो मैं ज़रुर ऐसा करती/करता...। लेकिन दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके शब्दकोश में ऐस...
PRABHAT KUMAR
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 जरा मुझे भी सुनिए, हम नहीं कहतेहम असल में किसी से कुछ नहीं कहतेजिंदगी ने गम दिया तो भी सुकून हैहर कदम पर मजबूरियां है, नहीं कहतेबात हो रही है आपकी सरकार!! हम तो क्या हैं, इंसान.....न....शैतान........न.......तो फिर मेरे रिक्शे पर बैठी साहिबा की ......शब्द भइया...
ज्योति  देहलीवाल
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मुफ़्त का माल किसे अच्छा नहीं लगता? और वो भी सरकार खुद होकर बिना मांगे दे रहीं हो तो? आज के जमाने में, ऐसा कौन हैं जो आती हुई लक्ष्मी को ठुकराए! लेकिन क्या आपको पता हैं कि आज के जमाने में भी ऐसे स्वाभिमानी लोग हैं जो अपने स्वाभिमान के लिए आती हुई लक्ष्मी को ठुकराने...
Bhavna  Pathak
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साथियो, मार्च के महीने को परीक्षा के महीने के रूप में ज्यादा जाना जाता है। हालांकि और भी बहुत कुछ होता है मार्च में जैसे इस बार घमासान चुनावी दंगल देखने को मिल रहा है। हम सभी जानते हैं कि परीक्षा और नकल का बहुत घनिष्ठ - चोली दामन का साथ रहता है। आज नकलविहीन परीक्षा...
Sanjay  Grover
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कल जब उठा तो इंटरनेट से पता लगा कि ओम पुरी नहीं रहे। काफ़ी टाइम बाद टीवी लगाया। उससे पहले देखा कि फ़ेसबुक आदि पर श्रद्धांजलियों की मात्रा और रफ़्तार बहुत कम है। मैं सोचने लगा कि इसकी वजह क्या हो सकती है ? मेरी तो ‘श्रद्धांजलियों’ में दिलचस्पी ही कम रही है लेकिन दूसरे...
sanjiv verma salil
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मुक्तक माँ माँ की महिमा जग से न्यारी, ममता की फुलवारी संतति-रक्षा हेतु बने पल भर में ही दोधारी माता से नाता अक्षय जो पाले सुत बडभागी-ईश्वर ने अवतारित हो माँ की आरती उतारी नारी नर से दो-दो मात्रा भारी, हुई हमेशा नारी अबला कभी न इसे...
ज्योति  देहलीवाल
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अच्छाइयाँ और वो भी आज के जमाने की… हो ही नहीं सकता! आज तो सभी ओर अराजकता फैली हुई है। किसी को किसी से मतलब नहीं है। हरेक बंदा अपने-आप में मग्न है। हर रिश्ता जैसे स्वार्थ से ही बंधा हुआ है! चाहे वह भाई-बहन का रिश्ता हो या पति-पत्नी का, बाप-बेटे का हो या दोस्ती का। ह...
ज्योति  देहलीवाल
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‘सास’ बाप रे...! यह शब्द ही अपने-आप में एक हौआ, दहशत लिए हुए है। ‘सास’ इस शब्द से ही हमारी आंखों के सामने एक ऐसे नारी की तस्वीर आती है, जो बात-बेबात बहू पर ताने कसती है और प्रताड़ित करती है। सास के इस रुप को भुना कर, सास-बहू के खट्टे-मिठ्ठे रिश्ते को नमक-मिर्च...
PRAVEEN GUPTA
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अभी कुछ समय पूर्व तक जिन्हें करोड़ों हिन्दू छूने से कतराते थे और उन्हें घर के अन्दर भी आने की मनाही थी, वो असल में चंवरवंश के क्षत्रीय हैं। यह खुलासा डॉक्टर विजय सोनकर की पुस्तक – हिन्दू चर्ममारी जाति:एक स्वर्णिम गौरवशाली राजवंशीय इतिहास में हुआ है। इस किताब में उ...