ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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मुक्तक*सिर्फ पानी नहीं आँसू, हर्ष भी हैं दर्द भी। बहाती नारी न केवल, हैं बनाते मर्द भी।।गर प्रवाहित हों नहीं तो हृदय ही फट जाएगा-हों गुलाबी-लाल तो होते कभी ये जर्द भी।।***http://divyanarmada.blogspot.in/
 पोस्ट लेवल : मुक्तक आँसू muktak aansu
संतोष त्रिवेदी
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उनका टिकट फिर कट गया।इस बार पूरी उम्मीद थी कि जनता की सेवा करने का टिकट उन्हें ही मिलेगा।पिछले पाँच साल से वे इसी आस पर टिके हुए थे,पर अनहोनी हो गई।उनकी आस में दिन-दहाड़े सेंध लग गई।आख़िरी सूची से उनका नाम नदारद हो गया।दरअसल दल के एक बड़े पदाधिकारी का ‘छुटका’ बेटा...
sanjiv verma salil
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लघुकथा:गरम आँसू*टप टप टपचेहरे पर गिरती अश्रु-बूँदों से उसकी नीद खुल गयी, सास को चुपाते हुए कारण पूछा तो उसने कहा- 'बहुरिया! मोय लला से माफी दिला दे रे! मैंने बापे सक करो. परोस का चुन्ना कहत हतो कि लला की आँखें कौनौ से लर गयीं, तुम नें मानीं मने मोरे मन में संका को...
Madabhushi Rangraj  Iyengar
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                                            आँसूं किसी की साँसों में ना घोलो अपनी साँसों को, उनमें मिलकर वो अपनी अहमियत को खो देंगी किसी की स...
 पोस्ट लेवल : आँसूं
sanjiv verma salil
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एक कालजयी गीत:मेरा नाम लिया जाएगा- गोपालदास सक्सेना "नीरज"*आँसू जब सम्मानित होंगे, मुझको याद किया जाएगाजहाँ प्रेम का चर्चा होगा, मेरा नाम लिया जाएगा*मान-पत्र मैं नहीं लिख सका, राजभवन के सम्मानों कामैं तो आशिक़ रहा जन्म से, सुंदरता के दीवानों कालेकिन था मालूम नहीं य...
ganga dhar sharma hindustan
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ग़ज़ल : कुत्तों से मात सिंह जो खाएँ तो क्या करें.(221 2121 1221 212)बहने लगी हैं उल्टी हवाएँ तो क्या करें.कुत्तों से मात सिंह जो खाएँ तो क्या करें.वो ही लिखा है मैंने जो अच्छा लगा मुझे.नासेह सर को अपने खपाएँ तो क्या करें.जल्लाद हाथ में जब खंजर उठा चुका.खौफे अजल न तब...
Rajendra kumar Singh
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हमारे शरीर के सभी अंगों में सिर्फ आँखें ही ऐसा एकमात्र अंग है जिसका हमारी मनोभावना से सीधा सम्बन्ध होता है। आँखें हमारी मनोभावना की अभिव्यक्ति करती है, अन्य कोई अंग नहीं करता। हमारी आँखें दिल का आईना होती है, जैसा कि अंग्रेजी में कहा गया है - Face is the Index...
 पोस्ट लेवल : आँसू आँखें आंसू Eye
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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दोपहर   बनकर   अक्सर  न   आया   करो।सुबह-शाम   भी   कभी   बन   जाया   करो।।चिलचिलाती   धूप    में   तपना   है  ज़रूरी।कभी  शीतल  चाँदनी  में  भी  नहाया  करो...
जन्मेजय तिवारी
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               उत्तर से प्रश्न बन गया प्रदेश अपनी रोनी सूरत लिए खड़ा है । आँखों में उसके पानी है, मुँह में वही कहानी है । वह खड़ा है चौराहे पर । उसे चुप कराने और अपना बनाने के लिए सभी में होड़ है । सभ...
Sumit Pratap Singh
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प्यारे आँसू गैंगसादर दोगुलस्ते!आशा है सकुशल होंगे और अपने-अपने बिलों में चैन से सो रहे होंगे। जानता हूँ बीते दिनों आप सबने कठिन परिश्रम करके अपना पसीना बहाया था सो थकान होना अवश्यम्भावी है। पाकिस्तानी गवैये के कार्यक्रम पर प्रतिबन्ध, मालदा दंगे, असहिष्णुत...