ब्लॉगसेतु

sanjay krishna
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रांची से 'आदिवासीÓ साप्ताहिक पत्रिका निकलती थी। इसके संपादक थे प्रसिद्ध साहित्यकार राधाकृष्ण। बांग्लादेश युद्ध पर एक विशेष अंक निकला था। हालांकि उस समय धर्मयुग व साप्ताहिक हिंदुस्तान ने भी कई-कई अंक में युद्ध पर सामग्री दी, लेकिन रांची जैसी छोटी जगह से निकलने वाली...
Lokendra Singh
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'अभिव्यक्तिकी आजादी' पर एक बार फिर देशभर में विमर्श प्रारंभ हो गया है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विवादित टिप्पणी करने और वीडियो शेयर करने के मामले में एक स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी से यह बहस प्रारंभ हुई है। इस बहस में एक जरूरी...
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आज आजाद हुआ भारत ----आज की ग़ज़ल -गज़लोपनिषद ---=============================================******काशी से नरेंद्र भाई मोदी , प्रधान मंत्री भारत सरकार का आह्वान व उद्घोष -----का मूल मन्त्र ---१. कार्य में पारदर्शिता व परिश्रम का समन्वय डा श्याम  २.कार्य...
Lokendra Singh
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अमृतसर के जालियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को सैकड़ों निहत्थे लोगों की हत्या ब्रिटिश उपनिवेशवाद के क्रूरतम अपराधों में से एक है। उस दिन बैसाखी थी। स्वर्ण मंदिर के पास ही स्थित जलियांवाला बाग में करीब 20 हजार लोग जमा थे। यहाँ अपने नेताओं की गिरफ्तारी और रोलेट एक्...
ज्योति  देहलीवाल
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''आज आप सुबह-सुबह इतनी तन्मयता से क्या लिख रहें हो?'' शिल्पा ने अपने पति से पूछा।''15 अगस्त याने स्वतंत्रता दिन आने वाला हैं न...तो अबकि बार अपनी सोसायटी ने आज़ादी का ज़ोरदार जश्न मनाने का फैसला किया हैं। सोसायटी का प्रेसिडेंट होने के नाते मुझे भाषण देना पडेगा, उसी...
Lokendra Singh
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- लोकेन्द्र सिंहसामाजिक कार्यकर्ता एवं सेवानिवृत्त शिक्षक श्री सुरेश चित्रांशी के हाथों में पुस्तक "हम असहिष्णु लोग"आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय है। आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता का हनन ही नहीं किया गया, अपितु वैचारिक प्रतिद्वंदी एवं जनस...
Lokendra Singh
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 प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लंदन प्रवास के दौरान 'भारत की बात, सबके साथ' कार्यक्रम में बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा- 'आलोचनाएं लोकतंत्र की ब्यूटी होती है।' यह बात दरअसल, इसलिए महत्वूर्ण है, क्योंकि मोदी विरोध...
Lokendra Singh
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 कम्युनिस्ट  विचारधारा के विचारक एवं समर्थक उन सब राज्यों/देशों में अभिव्यक्ति की आजादी के झंडाबरदार बनते हैं, जहाँ उनकी सत्ता नहीं है। किंतु, जहाँ कम्युनिस्टों की सत्ता है, वहाँ वह अभिव्यक्ति की आजादी को पूरी तरह कुचल देते हैं। विशेषकर, कम्युनिस्ट विचारध...
Lokendra Singh
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 विरोध  की भाषा बताती है कि वह कितना नैतिक है और कितना अनैतिक। जब विरोधी भाषा की मर्यादा को त्याग कर गली-चौराहे की भाषा में बात करने लगें, समझिए कि उनका विरोध खोखला है। उनका विरोध चिढ़ में बदल चुका है। अपशब्दों का उपयोग करने वाला व्यक्ति भीतर से घृणा और न...
ज्योति  देहलीवाल
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                                                            स्वतंत्रता दिवस (15अगस्त) मतलब हमारे देश भारत के आ...