ब्लॉगसेतु

Sanjay Chourasia
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हम भारतवासी अंग्रेजों से अपनी आजादी की ६८ बीं सालगिरह का जश्न मना रहे हैं ! आजादी के इस पर्व को मनाने के लिए हम उन सभी वीर-सपूतों , क्रांतिकारियों , स्वतंत्रता सेनानियों को शत शत नमन करते हैं जिन्होंने अपने प्राणों का वलिदान देकर इस मातृभूमि को अंग्र...
S.M. MAsoom
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 स्वतंत्रता दिवस जश्न ए आजादी का दिन है और हर त्योहार से ये ख़ुशी अधिक मायने रखती है | मानता हू कि आजादी के बाद हम भारतवासियो ने जो जो सपने देखे थे वो पूरी तरह से साकार नही हो सके लेकिन यह भी क्या कम है कि अब हम गर्व से ये तो कह सकते है कि हम किसी गुलाम देश...
विजय राजबली माथुर
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http://vijaimathur.blogspot.in/2014/11/blog-post_13.html मूल लेख पर आई प्रतिक्रियाओं पर टिप्पणियाँ : 1 3-11-2014  Kavita Krishnapallavi  चूँकि सामाजिक-सांस्‍कृतिक स्‍तर पर प्रतिक्रियावादी विचारों-संस्‍थाओं और रू‍ढ़ि‍यों का मूलाधार पूँजीवादी आर्थिक ढ...
Kailash Sharma
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आज तिरंगा हम फहरायें,आजादी का ज़श्न मनायें।कितने हुए शहीद देश पर,कितने फांसी पर थे लटके।याद करें हम उन वीरों को,हुए अमर देश पर मिट के।नहीं समझ पाये ग़र कीमत,इन वीरों के बलिदानों की।व्यर्थ हमारा जीवन होगा,लाज बचा न पाये माँ की।हाथ पकड़ कर बढ़ो सभी का,कहीं न कोई पीछे रह...
विजय राजबली माथुर
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राजनीतिक रूप से 15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवस है परंतु कुछ एथीस्टवादी और संघी लोग इसे आज़ादी का दिन नहीं मानते हैं और प्रश्न उठाते हैं कि किसकी स्वतन्त्रता?नरसिंघ राव जी भी पद-मुक्त होने के बाद THE INSIDER में लिख गए हैं कि हम "स्वतन्त्रता के भ्रमजाल में जी रहे हैं। " क...
केवल राम
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आजादी का अगर सीधा सा अर्थ किया जाए तो इस मतलब होगा अपनी व्यवस्थाओं में जीना, लेकिन जिस भारत की आजादी का जश्न हम बड़े हर्षोल्लास से मनाते हैं (यह तो होना भी चाहिए) उसमें अगर हम आज तक के  (66 वर्षों) समय को गहराई से विश्लेषित करें तो पूरी सच्चाई एकदम स्पष्ट रूप स...
Sanjay Chourasia
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हमारा देश अपनी आजादी के ६६ साल पूरे कर रहा है ! लेकिन आज़ादी के ६६  साल बाद भी हम आज़ाद होते  हुए भी कहीं ना कहीं गुलामी की मानसिकता में जकड़े हुए हैं ! आज भी ढेर सारी रूढ़ीवादी परमपराओं से हमारा देश उबर नहीं पाया है !  आज भी आज़ादी को...
केवल राम
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किसी पक्षी को जब पिंजरे से बाहर की दुनिया में प्रवेश करते हुए देखता हूँ तो उसकी चहचहाहट का स्वर ही इतना मोहक और आनन्ददायक होता है कि मन झूम जाता है . उस पक्षी को हालाँकि उस पिंजरे में तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो उसके जीवन को चलाने में सहायक होती हैं, लेकिन जब वह...
ललित शर्मा
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Sandhya Sharma
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आ गया फिर एक स्वतंत्रता दिवस. देश के प्रति अपनी भावनाएं अभिव्यक्त करने का दिन.आज़ादी को सेलीब्रेट करने का दिन. हमारे यहां त्योहारों की विशाल श्रृंखला है और राष्ट्रीय पर्व मनाने के सिर्फ़ दो ही अवसर आते हैं. फिर भी हमारे देश के युवा देश के प्रति अपना प्यार दर्शाने के...