ब्लॉगसेतु

ANITA LAGURI (ANU)
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पूरी पृथ्वी में मानव जाति ही जीवित जीवों में &#23...
sanjiv verma salil
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नवगीत: संजीव. सांस जब अविराम चलती जा रही हो तब कलम किस तरह चुप विश्राम कर ले?.शब्द-पायल कीसुनी झंकार जब-जबअर्थ-धनु नेकी तभी टंकार तब-तबमन गगन में विचारों का हंस कहिएसो रहे किस तरहसुबह-शाम कर ले?.घड़ी का क्या हैटँगी थिर, मगर चल...
शिवम् मिश्रा
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हमारे जइसा अदमी के बारे में आपलोग सोचते होंगे कि का मालूम कहाँ से परगट होता है अऊर फिर उसके बात अंतर्धान हो जाता है. जब पचास गो बुलेटिन पूरा होता है तब ई बिहारी कहीं से टपक जाता है अऊर एगो पोस्ट डालकर लापता. आजो आपलोग एही सोच रहे होंगे कि १९५० वाँ बुलेटिन का ब...
शरद  कोकास
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डॉ नरेंद्र नायक अन्द्धश्रद्धा के खिलाफ़ प्रदर्शन करते हुए पढ़े-लिखे होने का मतलब सिर्फ अकादमिक शिक्षा प्राप्त करना नहीं होता । पढ़े-लिखे होने का अर्थ होता है वैज्ञानिक दृष्टि से संपन्न होना । मेरे कहने का यह तात्पर्य नहीं है कि जो पढ़े-लिखे नहीं है वे वैज्ञानिक दृ...
sanjiv verma salil
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गीत :                                           &n...
शरद  कोकास
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यद्यपि स्वयं का जन्म मनुष्य के वश में नहीं है न ही वह इसके लिए  उत्तरदायी है लेकिन जन्म लेने के पश्चात यह जीवन और यह शरीर उसे इतना प्रिय लगने लगता है कि लाख कष्टों के बावज़ूद वह इसे जीवित रखने का भरसक प्रयास करता है । यह स्वाभाविक भी है । वह उन समस्त सुख-सुविधा...
Alpana Verma
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कविवर ब्लॉगर राजेंद्र स्वर्णकार जी का सन्देश मिला कि आज ब्लॉग दिवस है तो सभी ब्लॉगर अपनी एक पोस्ट अवश्य पोस्ट करें .पोस्ट लिखने का मन नहीं था लेकिन 'ब्लॉग जगत के पुराने दिन लाने के जो प्रयास किये जा रहे हैं ,उसमें अपना योगदान दिए बिना न रह सकती थी  इसलिए यही आ...
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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1 दिसम्बर 2015 : मोहजीत अपनी देह से भी नष्टो मोहा होते हैं.2 दिसम्बर 2015 : कथनी और करनी में समरूपता रखना ही महान आत्मा का लक्षण है.3 दिसम्बर 2015 : सच्ची सेवा वह है जिसमें सर्व की दुआओं के साथ ख़ुशी की अनुभूति हो.4 दिसम्बर 20...
Kheteswar Boravat
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Sanjay  Grover
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