ब्लॉगसेतु

sanjay krishna
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कोरवा आदिम जनजाति है। माना जाता है कि यह झारखंड में मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ से आई है। कोरवा भी मुंडा जनजाति की उपशाखा है। इनका संबंध महान कोलेरियन प्रजाति से है। गढ़वा के 12-13 गांवों में इनकी प्रमुख आबादी है। वैसे, लातेहार, पलामू, चतरा, कोडरमा, दुमका व जामताड़ा में...
 पोस्ट लेवल : कोरवा आदिम जनजाति
mahendra verma
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आज से तीन-चार लाख वर्ष पूर्व, जब मनुष्य अपने विकास की प्रारंभिक अवस्था में था, तब किसी समय एक घटना घटित हुई । इस घटना की प्रतिक्रिया दो रूपों में व्यक्त हुई । उस घटना को पहले जान लें -जंगल में दो मनुष्य भोजन की तलाश में जा रहे थे । उन्होंने देखा कि कुछ दूरी पर एक म...
शरद  कोकास
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सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जायेगा इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जायेगा (बशीर बद्र) मुसीबतें पहले भी कम नहीं थीं इंसान की ज़िन्दगी में । यह मानव जीवन का प्रारंभिक दौर था जब वह आदिम मनुष्य जन्म ,मृत्यु और प्रकृति के रहस्यों से नावाकिफ था , कार्य और कार...
jaikrishnarai tushar
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चित्र -गूगल से साभार एक गीतआदिम युग से चिड़िया गाना गाती हैमौसम की  आँखों से आँख मिलाती है |आदिम युग से चिड़िया गाना गाती है |आँधी -ओले ,बर्फ़ सभी कुछ सहती है ,पर अपनी मुश्किल कब हमसे कहती है ,बच्चों को राजा को सबको...
शरद  कोकास
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मानव जाति के विकास में मस्तिष्क की भूमिका : आज के मनुष्य की बनावट केवल 40000 वर्ष पूर्व की है लेकिन उससे पहले का मनुष्य धीरे धीरे इस  स्थिति तक पहुँचा था । एक समय ऐसा भी था जब मनुष्य और पशु में कोई विशेष भेद नहीं था । आज भी कई मनुष्य जानवरों जैसी हरकते करते है...
 पोस्ट लेवल : आदिम मनुष्य