ब्लॉगसेतु

Basudeo Agarwal
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2*9 (मात्रिक बहर)(पदांत 'ना पहचानी', समांत 'आ' स्वर)दूजों के गुण भारत तुम गाते,अपनों की प्रतिभा ना पहचानी।तुम मुख अन्यों का रहे ताकते,पर स्वावलम्बिता ना पहचानी।।सोने की चिड़िया देश हमारा,था जग-गुरु का पद सबसे न्यारा।किस हीन भावना में घिर कर अब,वो स्वर्णिम गरिमा ना प...
Basudeo Agarwal
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1222*4 (विधाता छंद पर आधारित)(पदांत का लोप, समांत 'आएगा')नया जो वर्ष आएगा, करें मिल उसका हम स्वागत;नये सपने नये अवसर, नया ये वर्ष लाएगा।करें सम्मान इसका हम, नई आशा बसा मन में;नई उम्मीद ले कर के, नया ये साल आएगा।मिला के हाथ सब से ही, सभी को दें बधाई हम;जहाँ हम बाँटत...
Basudeo Agarwal
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(धुन: चलो दिलदार चलो)चलो स्कूल चलो,बस्ता पीठ लाद चलो,सब हैं तैयार चलो,आई बस भाग चलो।हम पढ़ाई में बनेंगें बड़े-2राह में कोई न हमरी अड़ेहमरी अड़ेचलो स्कूल चलो----नाम दुनिया में करेंगें रोशन-2होने देंगें न किसीका शोषनकिसीका शोषनचलो स्कूल चलो----देश का मान बढ़ाएँगें हम-2साथ...
Basudeo Agarwal
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(धुन- हम तो ठहरे परदेशी)(212 1222)×2आँख के नशे में जब, वो हमें डुबाते हैं।एक बार डूबें तो, डूबते ही जाते हैं।।जो न इसमें डूबे हैं, पूछते हैं वो हम से;आँख का नशा क्या है, हम उन्हें बताते हैं।आँख के नशे में जब, वो हमें डुबाते हैं।।झील सी ये गहरी हैं, मय से ये लबालब भ...
Basudeo Agarwal
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2*8 (मात्रिक बहर)(पदांत 'कर डाला', समांत 'आ' स्वर)यहाँ चीन की आ बेटी ने,सबको मतवाला कर डाला।बच्चा, बूढ़ा या जवान हो,कद्रदान अपना कर डाला।।होता लख के चहरा तेरा,तेरे आशिक जन का' सवेरा।जब तक शम्मा सी ना आये,तड़पत परवाना कर डाला।।लब से गर्म गर्म ना लगती,आँखों से न खुमारी...
Basudeo Agarwal
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1222*4 (विधाता छंद आधारित)(पदांत 'तुम्हें पापा', समांत 'आऊँगा')अभी नन्हा खिलौना हूँ , बड़ा प्यारा दुलारा हूँ;उतारो गोद से ना तुम, मनाऊँगा तुम्हें पापा।।भरूँ किलकारियाँ प्यारी, करूँ अठखेलियाँ न्यारी;करूँ कुछ खाश मैं नित ही, रिझाऊँगा तुम्हें पापा।।इजाजत जो तुम्हारी हो...
विजय राजबली माथुर
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     ~विजय राजबली माथुर ©
Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
Kajal Kumar
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