ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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....तो मैंने कहा था मुझे पैदा करो.....आखि़र एक दिन तंग आकर मैंने पापाजी से कह ही दिया...उस वक़्त मुझे भी लगा कि मैंने कोई बहुत ही ख़राब बात कह दी है....कोई बहुत ही ग़लत बात....लेकिन यह तो मुझे ही मालूम है कि वो रोज़ाना मुझसे किस तरह की बातें कहते थे, कैसे ताने देते थ...
Bhavna  Pathak
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  शेरू बिना रुके बोलता रहा- साथियो मुझे पक्की खबर मिली है कि हम सब आवारा कुत्तों को इस कालोनी से बाहर निकालने के लिए नगरपालिका से कुत्ता पकड़ने वाली गाड़ी बुलाई गई है। आजकल नगरपालिका वाले आवारा कुत्तों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पक़ड़ पकड़ कर कुत्तों की...
Satish Pancham
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 अभी दुपहरी में एक चिड़िया खिड़की के पास लोहे की ग्रिल पर बैठी चूं चूं कर रही थी। ऐसा नहीं कि खिड़की के पास पक्षी न आते हों। आते हैं। कबूतर या कौवे तो आते ही रहते हैं लेकिन किसी गौरेया का आना थोड़ी अलग बात है। उनकी चह-चह ज्यादा अच्छी लगती है। नज़र उठा कर उसे ए...
Satish Pancham
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      कल्पना करें कि अचानक आपकी जीवन संगिनी को कोई आपकी पत्नी मानने से ही इन्कार कर दे तो ? आप लाख समझायें कि भई यही है मेरी श्रीमती जी लेकिन सामने वाला मानने के लिये तैयार न हो तो ?     यह हाल ही में तब हुआ जब मैं आधार कार्ड...
 पोस्ट लेवल : आपबीती
Satish Pancham
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राग दरबारी.... राग केदार...राग मल्हार.....राग...          नहीं जानता था कि जिस फेसबुक को मैं इतना सशंकित नज़रों से ताकता था वह कभी ऐसा भी खूबसूरत उपहार दे जायगा। जी हां, मैं अपने लिये इसे उपहार ही कहूंगा। हुआ यूं कि...
Satish Pancham
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     यूं तो हम बड़ा हउंकते-फउंकते हैं कि हम ये हैं, हम वो हैं लेकिन शरीर की एक जरा सी नस क्या खिंच जाती है, नजरिया 'तिरपन-चउअन' हो उठती है। उस वक्त शरीर के सारे अवयव धमनी, शिराएं, नील, अलय, अलिंद एक साथ सारे कपाट सामूहिक क्रंदन करते हुए लगत...
 पोस्ट लेवल : आपबीती