ब्लॉगसेतु

kuldeep thakur
2
स्नेहिल अभिवादन--------किसने मेरी पलकों पे तितलियों के पर रखेआज अपनी आहट भी देर तक सुनाई दी- बशीर बद्रदिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है किस की आहट सुनता हूँ वीराने में -गुलज़ार कालजयी रचना ज़नाब मिर्जा गालिबइस दिल को किसी की आहट की आस रहती है, निगाह को...
 पोस्ट लेवल : 1585 आहट
अनीता सैनी
28
हृदय पर अनहोना आभास सीये, यथार्थ के नर्म नाज़ुक तार पर, दबे पाँव दौड़ती है दावाग्नि-सी, ख़ुशबू-सी उड़ती है विश्वास पर, आहट होती है उजली आस पर  |चलती है एहसास की थामे अँगुली,  अचल अंबर-सा लिये हाथ में हाथ, सवार रहती है प...
पम्मी सिंह
483
लो गई..उतार चढ़ाव से भरीये साल भी गई...गुजरता पल,कुछ बची हुई उम्मीदेआनेवाली मुस्कराहटों का सबब होगा,इस पिंदार के साथ हम बढ़ चले।जरा ठहरो..देखोइन दरीचों से आती शुआएं...जिनमें असिर ..इन गुजरते लम्हों की कसक, कुछ ठहराव और अलविदा कहने का...,पयाम...नव उम्मीद के झलककुसुम क...
 पोस्ट लेवल : #नव वर्ष New year आहट साल
राजीव कुमार झा
539
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); सूनुं कौन सी दस्तकन जाने कितनी बार कितने द्वारों पर देता रहा दस्तक !जन्म हुआ तो माता-पिता ने दी अस्पतालों,चिकित्सकोंके दरवाजों पर दस्तक !काबिल हुआ अपने क़दमों से चलने लायक माता-पिता देते रहे अंग्रेजी स्कूलों में दस्...
 पोस्ट लेवल : दस्तक आहट
Kailash Sharma
175
जीवन के अकेलेपन में     और भी गहन हो जातीसंवेदनशीलता, होता कभी अहसासघर के सूनेपन में किसी के साथ होने का,शायद होता हो अस्तित्व सूनेपन का भी.     ***शायद हुई आहट           दस्त...
प्रतिभा सक्सेना
243
  *कल  रात बहुत देर तक बैठक जमी  .जिन्हें अच्छा ऑफ़र मिला ,उनमें मैं भी एक था ,लोग  घेरे बैठे रहे .  अभी और कंपनियाँ आनेवाली थीं देर-सवेर  मिलने की आशा सबको थी.'सुबह निकलना है' - कह कर मुश्किल से जान छुड़ाई .सोचता जा रहा था - बिना...
केवल राम
323
मैं जब भी कहीं दूर पहाड़ की चोटी की तरफ देखता हूँ तो मुझे उसमें कोई बदलाब नजर नहीं आता, और जब उस पहाड़ की चोटी से दुनिया को देखता हूँ तो बहत कुछ बदला हुआ नजर आता है. ऐसे में एक ही स्थान के बारे में मेरे दो दृष्टिकोण उभरकर सामने आते हैं. जब मैं अपनी ही दुनिया में रहकर...
ऋता शेखर 'मधु'
294
बसंत की आहट के साथ हिन्दी हाइगा पर पदार्पण हो रहा है आ० अर्चना चावजी काअर्चना चावजीसारे चित्र गूगल से साभार