ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
74
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )  संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त यश
kumarendra singh sengar
24
सोशल मीडिया ने नियंत्रण के सारे बिन्दुओं को किनारे लगा रखा है. इस मंच पर न रिश्तों की कोई कद्र है, न संबंधों की, न उम्र की. इसकी उन्मुक्तता ने सभी को आज़ादी दे रखी है और वह भी पूरी तरह से निरंकुशता वाली. इस निरंकुश आज़ादी की कीमत लोगों के अपमान से, लोगों की बेइज्जती...
kumarendra singh sengar
24
कहते हैं कि जो आया है वो जायेगा ही मगर कोई आने वाला बजाय जाने के विलुप्त ही हो जाये तो? क्या ऐसा भी हो सकता है कि आने वाला विलुप्त हो जाये? यदि ऐसा होता भी है तो वह विलुप्त क्यों हुआ? यदि खुद अपनी मर्जी से विलुप्त नहीं हुआ तो फिर किसने विलुप्त करवाया? उसके खुद विलु...
kumarendra singh sengar
24
स्वतंत्रता दिवस की और पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.इस वर्ष का सावन माह अपने आपमें अभूतपूर्व घटनाओं का गवाह रहा है. इस अभूतपूर्व स्थिति में इए सुखद और पावन संयोग ही कहा जायेगा कि स्वतंत्रता का महोत्सव और भाई-बहिनों के स्नेह का पर्व एक दिन ही मनाया जा रह...
सुमन कपूर
323
होकर तेरा हिस्सा भी, तुझसे अलग सा था मैंआतंक के साये में, खुद अपनों से डरता था मैंचाह थी, हर जँजीर हट जाए फर्क और मज़हब कीइसी आज़ादी के तिरंगे की, अभिलाषा करता था मैं !! सु-मन
 पोस्ट लेवल : आज़ादी कश्मीर
jaikrishnarai tushar
216
एक देशगान-आज़ादी का पर्व बड़ा हैआज़ादी का पर्व बड़ा हैमज़हब के त्योहारों से ।आसमान को रंग दोअपने आज़ादी के नारों से ।मातृभूमि के लिए मरा जोवह सच्चा बलिदानी है,जो दुश्मन से हाथ मिलाएखून नहीं वह पानी है,भारत माँ से माफ़ी माँगेंकह दो अब ग़द्दारों से ।हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई...
अनीता सैनी
56
कह दो  क़ुदरत क़ायनात से कुछ ऐसा, कश्मीर-सा सुन्दर उपहार सजा दे,करूँ नमन प्रतिपल वीर शहीदों को,हृदय को उनका द्वार दिखा दे |लिया भार,भारत माँ  का  कंधों  पर , उन वीर शहीदों की, चौखट के दीदार करा दे,पहन केसरिया किया जीवन अपना क़ुर्बान,...
jaikrishnarai tushar
216
विश्व नेता -माननीय मोदी जी कश्मीर  पर भारत सरकार द्वारा लिया गया निर्णय बहुत ही सराहनीय है, लेकिन विपक्ष के कुछ सांसद अपने ही देश के ख़िलाफ़ बयान देकर राष्ट्र की अस्मिता से खिलवाड़ ही नहीं सही मायने में राष्ट्रद्रोह कर रहे हैं । सरकार के साहसिक निर्णय के साथ...
kumarendra singh sengar
24
अंग्रेज़ी सत्ता के विरुद्ध भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को नासिक के भगूर गाँव में हुआ था. वे बीसवीं शताब्दी के सबसे बड़े हिन्दूवादी थे. उन्हें हिन्दू शब्द से बेहद लगाव था. वे कहते थे कि उन्हें स्वातन्त्रय वीर की...
kumarendra singh sengar
24
कितना हास्यास्पद लगता है, आज़ाद प्रेस के होने के दौर में भी आज, 3 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस (World Press Freedom Day) मनाया जाना. किसी तरह के हास्य से पहले जानकारी दे दी जाये कि इसे मनाने का निर्णय 1991 में यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र के जनसूचना विभा...