ब्लॉगसेतु

रवीन्द्र  सिंह  यादव
174
हसरत-ए-दीदार में सूख गया बेकल आँखों का पानी,कहने लगे हैं लोग यह तो है गुज़रे ज़माने की कहानी।मिला करते थे हम मेलों त्योहारोंउत्सवों में,मिलने की फ़ुर्सत किसे अब नस-नस में दौड़ती है  नशा-ए-इंटरनेट की रवानी। लिखते थे...
शिवम् मिश्रा
34
आज से ३० साल पहले एक जाल बुना गया था ... ऐसा जाल जो पूरे विश्व के सभी खास ओ आम को एक सूत्र मे बांध सके ... जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ इंटरनेट की |इंटरनेट, एक दूसरे से जुड़े कम्प्युटरों का एक विशाल विश्व-व्यापी नेटवर्क या जाल है। इसमे कई संगठनो, विश्वविद्यालयो, आ...
Yash Rawat
617
एक औसत व्‍यक्ति के कम से कम 5 सोशल मीडिया एकाउंट्स हैं और वह हर रोज लगभग 1 घंटा और 40 मिनट का समय इन नेटवर्क्‍स पर ब‍िताता है।सोशल मीडिया से बच्‍चे सबसे ज्‍यादा प्रभावित हैंसोशल मीडिया अर्थात ऐसे माध्‍यम जहां हम लोगों से जुड़ सकते हैं अपने बारे में लोगों को बता सकत...
शिवम् मिश्रा
34
आज से २९ साल पहले एक जाल बुना गया था ... ऐसा जाल जो पूरे विश्व के सभी खास ओ आम को एक सूत्र मे बांध सके ... जी हाँ मैं बात कर रहा हूँ इंटरनेट की |इंटरनेट, एक दूसरे से जुड़े कम्प्युटरों का एक विशाल विश्व-व्यापी नेटवर्क या जाल है। इसमे कई संगठनो, विश्वविद्यालयो, आदि क...
यूसुफ  किरमानी
202
मीडिया भारतीय जनमानस को इस बात का इतना आदी बना दिया है कि जैसे ही फ़ोर्ब्स लिस्ट में किसी भारतीय का नाम आता है हम गर्व से चौड़े होने लगते हैं। अरे इतनी दौलत वाला अपना भारतीय है...तुरंत टीवी पर उस धनी भारतीय की कहानियाँ चलने लगती हैं छपने लगती हैं।...हमारा गर्व बल्ल...
संगीता पुरी
121
इंटरनेट की बदौलत इतनी बड़ी दुनिया एक छोटी दुनिया में बदल चुकी है। आज दुनिया में ४ अरब के लगभग लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये आंकड़ा दुनिया की कुल आबादी का 51% से कुछ ज्यादा है। जबकि हमारे देश में ये आंकड़ा 4 करोड़ से ज्यादा ही है, 2016 में भारत में सब्सक्राइब...
विजय राजबली माथुर
167
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं
Bhavna  Pathak
77
आजकल के इंटरनेट युग में छोटे छोेटे बच्चे बड़े बड़ों के कान काटते हैं। पहले ऐसा न था। बच्चे तो बच्चे बड़े भी सीधे- साधे सरल हृदय वाले होते थे। यह कहानी उसी जमाने की है। एक गांव में भोलानाथ नाम का युवक रहता था। वह सिर्फ नाम का ही भोला न था बल्कि सचमुच में ही वह बड़ा...
विजय राजबली माथुर
126
*वामदल आज हाशिए पर हैं उसके कई कारण हैं उनमें एक बड़ा कारण है कम्युनिकेशन की नई वास्तविकता को आत्मसात न कर पाना। वे क्यों इंटरनेट के संदर्भ में अपनी गतिविधियों और संचार की भूमिका को सुसंगठित रुप नहीं दे पाए हैं यह समझना मुश्किल है। --- जगदीश्वर चतुर्वेदी *"क्य...
Manisha Sharma
312
सुरक्षित बैंकिंग कैसे करें?आजकल हम आये दिन अखबारों में पढ़ते हैं कि फलां के बैंक से इतने  रुपये निकल गये या फिर फलां के पास  एक फोन आया कि आपका एटीएम कार्ड रद्द कर दिया गया है और इसको दुबारा जारी करने के लिये आपके पास जो भी लोगिन  और पासवर्ड है वो बत...
 पोस्ट लेवल : इंटरनेट बैंक सावधानी