ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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अमृत कौर। सौ साल पहले एक ऐसी शख्सियत का जन्म हुआ था जिसने अपनी लेखनी और अपने व्यक्तित्व से भारतीय साहित्य को गहरे तक प्रभावित किया और दुनिया उसको अमृता प्रीतम के नाम से जानती है। उन्होंने जो जिया उसको ही लिखा । अविभाजित भारत में पैदा हुई अमृता को साहित्य का संस्कार...
 पोस्ट लेवल : इमरोज अमृता प्रीतम
मुकेश कुमार
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प्रेम से पल्लवित कोंपलेंहोती हैं जवां,दो नादाँ खुशमिजाज और चहकते दिलों मेंहिलोरे मारती है चाहतशायद हो कोई जूलियट, लैला या रांझाजो थामे उसके हाथों कोऔर प्यार भरी नजरों से ताकते हुए कह भर देवही घिसे पिटे तीन शब्दआई लव यू !बदलती उम्र का तक़ाज़ाया देर से उछला प्रेम...
Ravindra Prabhat
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 मैंने हमेशा एक फकीरी ज़िन्दगी जी है, 'क्यूँ' मेरे शब्दकोष में कभी नहीं रहा......यह 'क्यूँ' बस दूर करता है. अमृता मेरी जिंदगी  की एक खूबसूरत नज़्म ,--- जिसे मैंने जिया है, जाना है, लिखा है......पर वह अनलिखी रही, तो नज़्म जारी है . आज इस ब्लॉग उत...
 पोस्ट लेवल : इमरोज़ कविता