ब्लॉगसेतु

Ashok Kumar
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नॉटनल डॉट कॉम (notnul.com) एक तरह का नवोन्मेष है जहाँ इसके कर्ता-धर्ता नीलाभ श्रीवास्तव हिन्दी की महत्त्वपूर्ण पत्रिकाओं के साथ किताबें भी सॉफ्ट वर्ज़न में ला रहे हैं और बेहद कम दामों में युवा पीढ़ी को उनके मोबाइल्स और लैपटॉप पर हिन्दी का श्रेष्ठ साहित्य उपलब्ध करा र...
sanjiv verma salil
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काजी नज़रुल इस्लाम - की रचनाओं में राष्ट्रीयताआचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' *विश्व का महानतम लोकतंत्र भारत अनेकता में एकता, विविधता में समानता, विशिष्टता में सामान्यता और स्व में सर्व के समन्वय और सामंजस्य का अभूतपूर्व उदाहरण था, है और रहेगा। समय-समय पर पारस्परिक...
Lokendra Singh
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने मुल्क के वास्तविक चरित्र पर पर्दा डालने के लिए अनेक प्रयास कर रहे हैंं। धार्मिक कट्टरवाद और आतंकियों की शरणस्थली की पहचान से बाहर निकलना पाकिस्तान की मजबूरी भी बन गई है। इस संदर्भ में उन्होंने पिछले दिनों अल्पसंख्यकों को समा...
यूसुफ  किरमानी
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जब आप इस वक्त गहरी नींद में हैं, तब कश्मीर के पुलवामा में उन जवानों की लाशों के टुकड़े जमा किए जा रहे हैं, जिन्हें आतंकी हमले में मार दिया गया... मेरी नींद भी गायब है...मैं उन 42 नामों की सूची को पढ़ रहा हूं, जो अब हमारे बीच नहीं हैं। शहीदों की सूची में दूसरा ही न...
Tejas Poonia
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प्रश्न - अब तक की अपनी फ़िल्मी यात्रा के बारे में कुछ बताएँ ?उत्तर – देखिए घर में तो ऐसा कोई था नहीं जो सिनेमा से जुड़ा हुआ हो । मैं एक ऐसे परिवार से हूँ जहाँ सब लोग इस्लामिक हैं । नमाज, रोज़ा आदि में विश्वास रखने वाले हैं । लेकिन निश्चित रूप से तो नहीं कह सकता किन्तु...
Lokendra Singh
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- लोकेन्द्र सिंह - भारतीय सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अपने विवादित बयान से एक बार फिर असहिष्णुता की बहस को जिंदा कर दिया है। एक ओर नसीर कह रहे हैं कि उन्हें भारत में डर लगता है, वहीं पाकिस्तान में यातनाएं झेल कर भारत सरकार के प्रयास से वापस लौटे...
S.M. MAsoom
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जब रसूलुलल्लाह (स.अ.) ने इस्लाम मुकम्मल किया तो उस समय अरब में पहले से चार ताक़तें मौजूद थीं। इन ताक़तों में पहली ताक़त लातो मनातो उज़्ज़ा के मानने वाली थी, दूसरी ताक़त यहूदी थे और तीसरी ताक़त ईसाई थे। इसके अलावा चौथी ताक़त वह अल्प संख़्यक थे जो जनाबे इब्राहीम (अ.स...
 पोस्ट लेवल : Editorial इस्लामी एकता
S.M. MAsoom
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हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम मक्का व मदीने के दरमियान का रास्ता तय कर रहे थे। मसादफ़ आप का मशहूर गुलाम भी आप के साथ था कि अस्नाए राह में उन्होंने एक शख़्स को देखा जो दरख़्त के तने पर अजीब अन्दाज़ से पड़ा हुआ था। इमाम ने मसादफ़ से फ़रमाया, उस शख़्स की तरफ़ च...
Lokendra Singh
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 अलीगढ़  मुस्लिम विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर क्यों लगाई गई है? यह प्रश्न बहुत वाजिब है। यह आश्चर्य का विषय भी है कि स्वतंत्रता के इतने वर्ष बाद तक भारत विभाजन के प्रमुख गुनहगारों में शामिल जिन्ना की तस्वीर एक शिक्ष...
अनंत विजय
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर पर मचे बवाल के बीच एक और बेहद अहम खबर दब सी गई। उसपर चर्चा कम हो पाई। वैसे भी राजनीति के शोरगुल में कला संस्कृति हमेशा से दबती रही है, लेकिन राजनीति का शोरगुल अस्थायी होता है जबकि संस्कृति, कला और साहित्य में उठने व...