ब्लॉगसेतु

pradeep beedawat
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प्रदीप है नित कर्म पथ परफिर अंधेरों से क्यों डरें!हम हैं जिसने अंधेरे काकाफिला रोका सदा,राह चलते आपदा काजलजला रोका सदा,जब जुगत करते रहे हमदीप-बाती के लिए,जलते रहे विपद क्षण मेंसंकट सब अनदेखा किए|प्रदीप हम हैं जोतम से सदा लड़ते रहे,हम पुजारी, प्रिय हमें हैज...
 पोस्ट लेवल : उजाला poem कविता दीवाली kavita
संतोष त्रिवेदी
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दुनिया के महाबली विदेश मंत्री जॉन कैरी साहब ख़ास गुफ्तगू के लिए भारत दौरे पर आए।एयरपोर्ट से होटल के रास्ते में ही उनकी गाड़ी रुक गई।आगे-पीछे केवल गाड़ियाँ दिख रही थीं।कैरी ने अपने सहयोगी से कहा-मि. मोदी हमारा इतना स्वागत कर रहे हैं।इतना एस्कॉर्ट तो हमारे प्रेसिडेंट के...
संतोष त्रिवेदी
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भाग केवल आदमियों के ही नहीं खुलते।पक्षियों में अपशकुन का प्रतीक कौआ भी भाग्यशाली हो सकता है।रसखान ने इसका सबूत देते हुए कहा भी है ‘काग के भाग बड़े सजनी,हरि हाथ से ले गयो माखन-रोटी’।पर तब की बात अलग थी।अब एक कौए के हाथ रोटी के बजाय नई कार लगी है।एक मुख्यमंत्री की नई-...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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नेताजी सुभाषचंद्र बोस और उनके परिवार से जुड़ी चौंसठ गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक कर पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कायदे से आजादी के बाद ही सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी गोपनीय जानकारियां सार्वजनिक हो जानी चाहिए थीं। लेकिन ऐसा न करके प्रथम प्रधानमंत्री...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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यह सर्वविदित है कि समूचे भारत में 14 सितंबर हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी यानी भारत की राजभाषा के प्रति लोगों के हृदय में एक सशक्त भाषा-दृष्टि विकसित करने में हिंदी दिवस का आयोजन काफी उपयोगी सिद्ध हुआ है। इससे देश-समाज में हिंदी की स्वीकृति काफी बढ़ गई...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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माना जाता है मनुष्य व्यवहार के साथ भाषा हर क्षण बदलती है, क्योंकि यही बदलाव उसके जीवित होने का सबूत है। हिंदी भी दिनोंदिन बदल रही है, और बढ़ रही है। 2001 में ही देश की 42.2 करोड़ आबादी हिंदी बोल रही थी, जिसमें 2011 की जनगणना में इजाफा हुआ ही होगा। इसी तरह वैश्विक परि...
YASHVARDHAN SRIVASTAV
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नए साल में सबसे पहले मैं चाहूंगा कि हर व्यक्ति अपने आप को बदलने का संकल्प ले। यहीं से समाज और देश में परिवर्तन शुरू होगा। वास्तव में हमें नववर्ष में खुद को और अपने समाज को नए सिरे से देखना चाहिए। आज सब कुछ हम टेलीविजन पर देखते हैं और फिर उसे बंद कर देते हैं। देश का...
संतोष त्रिवेदी
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सत्ता में अकड़ न हो तो उसकी पकड़ भी नहीं रहती।ढीली-ढाली दिखने वाली सरकार का प्रशासन तो ढीला रहता ही है ,उसकी ढंग की सेल्फी भी नहीं आ पाती।जैसे डंडे वाली सरकार बड़ी कारसाज मानी जाती है,वैसे ही स्टिक वाली सेल्फी सबसे कारगर।अब सेल्फी है तो सरकार दिखती है।जहाँ सरकार और से...
संतोष त्रिवेदी
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सुनते हैं टमाटर फिर से लाल हो गया है।कुछ लोग इसी पर लाल-पीले हो रहे हैं ।टमाटर का गुणधर्म ही लाल होना है।वह तो केवल अपना धर्म निभा रहा है।वैसे भी देश में ‘महागठबंधन’ की सफलता की खबर उस तक पहुँच गई है।वह भी सरकार के खिलाफ प्याज,दाल और तेल के साथ ‘महागठबंधन’ में शामि...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) Being proud Hindu means terrorising anyone  : दिल्ली में एनडीटीवी की महिला पत्रकार के साथ अनुपम खेर के मार्च में बदसलूकी की गई है। पत्रक...