ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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'आईना साज़' — अनामिका — उपन्यास अंशज़रूरी है कि दुनिया की सारी ज़ुबानों के शब्द मुल्कों और मज़हबों के बीच की सरहदें मिटाते हुए सूफ़ी जत्थों की तरह आपस में दुआ-सलाम करते दिखाई दें। आसमान में सात चाँद एक साथ ही मुस्कुराएँ।अनामिका दीदी, जिस-जिस क्षेत्र में हैं इंसान क...
kumarendra singh sengar
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तकनीक से भरे दौर में चिट्ठी-पत्री की बात करना आश्चर्यजनक लग सकता है. इससे ज्यादा आश्चर्य की बात तो ये है कि कलम के द्वारा ग्रामीण संवेदनाओं को सहजता से उकेरने वाले लखनलाल पाल ने लगभग विलुप्त हो चुकी चिट्ठी-पत्री को उपन्यास का आधार बना दिया है. रमकल्लो की पाती के द्...
Juban-ए- दास्तां
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      भारत और नेपाल दोनों देश एक दूसरे के पड़ोसी होने के साथ-साथ उनमें काफी समानताएं भी पाई जाती हैं। यही कारण है कि नेपाल की धरती पर साहित्यकार डॉ लोकनाथ वर्मा राहुल कृत उपन्यास जल समाधि  को पढ़ने पर ऐसा लगता है कि वह विदेशी धरती पर नहीं वरन् भारत के किसी गांव की...
 पोस्ट लेवल : उपन्यास समीक्षा
वंदना अवस्थी दुबे
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(अब तक: सच्चाई जानने के बाद बड़के दादा ने तिवारी को बुला भेजा. इस अचानक बुलावे ने तिवारी जी को संशय में डाल दिया. घर आ के भी तिवारी जी को कुछ खबर न लगी कि हुआ क्या? बस सुमित्रा जी को आनन-फ़ानन साथ ले जाने का आदेश हो गया. अब आगे-)’दादी...... कब से ढूंढ रहां हूं आ...
वंदना अवस्थी दुबे
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(अब तक- आज कोई गम्भीर मसला सामने आने वाला था, तभी तो छोटी काकी ने घर के पुरुष वर्ग को नाश्ते के बाद चौके में ही रुके रहने को कहा था. क्या था ये मसला? पढ़िये-)घर के सारे आदमियों ने नाश्ता कर लिया तो काकी की आवाज़ गूंजी-’अबै उठियो नईं लला. बैठे रओ. कछु जरूरी बात क...
वंदना अवस्थी दुबे
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(पिछले अंक में-बड़े दादाजी की शादी का जब ज़िक्र चला तो सुमित्रा जी को तुरन्त कुन्ती की याद आई. कुन्ती, जिसके ब्याह के लिये बाउजी कब से परेशान थे. लेकिन मंगली होने के कारण कोई बढ़िया रिश्ता ही न मिल रहा था. अब आनन-फ़ानन रिश्ता तय हो गया. ब्याह की तैयारियां होने लगीं. अब...
Bharat Tiwari
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उपन्यास अंश: इश्क़ फरामोश ― प्रितपाल कौर  प्रितपाल हिंदी में लिखती रहती हैं। इश्क़ फरामोश उनके जल्द बुकस्टाल पर आ रहे उपन्यास का शीर्षक है। बेहिचक कह देने वाली लेखिका के चौथे उपन्यास (एक अंग्रेजी) का यह अंश उपन्यास को पूरा पढ़ने की जिज्ञासा पैदा कर सकता...
kumarendra singh sengar
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आज, 9 जनवरी हिन्दी उपन्यासों के वाल्टर स्कॉट के रूप में प्रसिद्द वृन्दावनलाल वर्मा की का जन्मदिन है. वाल्टर स्कॉट मूलतः शिकारी साहित्य के उपन्यासकार माने गए हैं. इसके साथ-साथ उन्होंने ऐतिहासिक उपन्यास भी लिखे. उनसे प्रेरणा पाकर और अपने बचपन में भारतीय इतिहास के प्र...
Bharat Tiwari
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उपन्यास कैसे लिखें? ऐसे — पढ़िए: उमा शंकर चौधरी के उपन्यास 'अंधेरा कोना' के अंश ... पता नहीं, लेकिन हो सकता है कि आपने भी कभी मेरी तरह यह सोचा हो कि कोई कथाकार आपका प्रिय लेखक क्यों हो जाता है। उमा शंकर को जितनी दफ़ा पढ़ता हूँ बस यही लगता रहता है उससे अधिक सच किसी और...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : समीक्षा उपन्यास