ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
23
Hindi Novel Raag Darbari Excerptमेला चले रुप्पन बाबू, रंगनाथ, सनीचर और जोगनाथ कार्तिक-पूर्णिमा को शिवपालगंज से लगभग पाँच मील की दूरी पर एक मेला लगता है। वहाँ जंगल है, एक टीला है, उस पर देवी का एक मन्दिर है और चारों ओर बिखरी हुई किसी पुरानी इमारत की ईंटें हैं।...
Bharat Tiwari
23
हिंदी, प्रेम उपन्यास — बेदावा: एक प्रेम कथा — तरुण भटनागर उपन्यास अंश (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ‘ अच्छा छोड़ो...कुछ और बताओ...कहाँ रहे इतने दिनों... क्या किया...?’तरुण भटनागर‘ नहीं बता सकता...।’‘ क्यों...?’‘ आज तुम्हें सुनना है...।...
Bharat Tiwari
23
वंदना राग - नावेल: बिसात पर जुगनू - अंशलोग परगासो के पैरों में छिपकर अक्षत-चावल यूँ ही सरका देते थे कि अब करिश्मा हो ही जाए। उनके नज़रों के सामने से हटने के बाद परगासो अपने पैरों की ठोकर से सब बिखेर देती थी। ‘हट्ट इससे कोई करिश्मा होगा? करिश्मा तो गैंती को तलवार की...
Bharat Tiwari
23
'आईना साज़' — अनामिका — उपन्यास अंशज़रूरी है कि दुनिया की सारी ज़ुबानों के शब्द मुल्कों और मज़हबों के बीच की सरहदें मिटाते हुए सूफ़ी जत्थों की तरह आपस में दुआ-सलाम करते दिखाई दें। आसमान में सात चाँद एक साथ ही मुस्कुराएँ।अनामिका दीदी, जिस-जिस क्षेत्र में हैं इंसान क...
Bharat Tiwari
23
उपन्यास अंश: इश्क़ फरामोश ― प्रितपाल कौर  प्रितपाल हिंदी में लिखती रहती हैं। इश्क़ फरामोश उनके जल्द बुकस्टाल पर आ रहे उपन्यास का शीर्षक है। बेहिचक कह देने वाली लेखिका के चौथे उपन्यास (एक अंग्रेजी) का यह अंश उपन्यास को पूरा पढ़ने की जिज्ञासा पैदा कर सकता...
Bharat Tiwari
23
उपन्यास कैसे लिखें? ऐसे — पढ़िए: उमा शंकर चौधरी के उपन्यास 'अंधेरा कोना' के अंश ... पता नहीं, लेकिन हो सकता है कि आपने भी कभी मेरी तरह यह सोचा हो कि कोई कथाकार आपका प्रिय लेखक क्यों हो जाता है। उमा शंकर को जितनी दफ़ा पढ़ता हूँ बस यही लगता रहता है उससे अधिक सच किसी और...
Bharat Tiwari
23
मृणाल पांडे के उपन्यास का अंशकहते हैं ऐसा लिखिए जो पहले न लिखा गया हो, जो बिलकुल नया हो...इस कहे को सुने तो सारा हिंदी-साहित्य-वर्ग है लेकिन किये कितना है, वह भूतकाल में मिलता है। मृणाल पांडे को पढ़ना हर बार उस भूत को वर्तमान में दिखा जाता है। इतनी ज़बरदस्त शैली, ऐस...
Bharat Tiwari
23
खुश्बू: रिस्क@इश्क...इरा टाक के रूमानी उपन्यास का अंंशशाज़िया के पास फिलहाल कोई चारा नहीं था. वो अनमनी सी मार्टिन के साथ कार से उतर गई. वो ओनली फॉर ईव नाम की एक दुकान में घुस गई. उसने देखा मार्टिन बाहर खड़ा सिगरेट पी रहा था. जल्दी में उसने एक काले रंग की लॉन्ग फ्राक...
Bharat Tiwari
23
द्रौपदी राजेश्वर वशिष्ठ के यहाँ अपनी आपबीती ख़ुद कहती हैं. द्रौपदी के कहे सच पर लिखे जा रहे उपन्यास 'याज्ञसेनी' का एक अंश प्रकाशित किया जा रहा है. आगे आपकी प्रतिक्रियाएं तय करेंगी कि इसके और अंश पढ़ना चाहेंगे या उपन्यास के प्रकाशित होने का इंतज़ार... राजेश्वर जी को आप...
prabhat ranjan
34
कर्ज के जाल में फंसकर किसानों के मजदूर बनते जाने की पीड़ा को प्रेमचंद ने अपने उपन्यास 'गोदान' में उकेरा था. आज कर्ज के जाल में फंसकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं तब संजीव का उपन्यास आ रहा है 'फांस'. आज उसी बहुप्रतीक्षित उपन्यास का एक अंश, जिसको पढ़ते हुए लगता है कि यह...