चित्र गूगल से साभारमरुस्थल चीत्कार उठाप्रसव वेदना से कराह उठा धूल-धूसरित रेतीली मरूभूमि मेंनागफनी का पौधाढीठ बन उग उठाथा उसका सफ़र बड़ा कठिनबादलों ने रहम न दिखाया न उसे कोई उर्वरक मिला ज़मीं से नमी का सहारा न मिला फिर भी ढी...