ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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       जी हाँ ! "मन चंगा तो कठौती में गंगा" यह कहावत आपने अनकों बार सुनी होगी, अलग-अलग स्थानों पर इसके अलग-अलग अर्थ भी रहे होंगे, किंतु शरीर स्वास्थ्य के मसले पर भी ये पूरी तरह से फिट बैठती है, कैसे-       जब हम कि...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैंNBT, Lko., 15-07-2017, Page - 18
सुशील बाकलीवाल
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            दूध अपने आप में पौष्टिक और स्वास्थवर्धक तो होता ही है। लेकिन जब हम दूध में कुछ आयुवेर्दिक चीजों को डालते हैं तब इससे दूध के फायदे दोगुने हो जाते हैं । हम बात कर रहें दूध में दालचीनी के चूर्ण को मि...
Rajendra kumar Singh
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शायद ही कोई एसिडिटी शब्द से अपरिचित होगा।आजकल की भागदौड भरी और अनियमित जीवनशैली के कारण पेट की समस्या आम हो चली है।एसिडिटी को चिकित्सकीय भाषा में गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफलक्स डिजीज (GERD) के नाम से जाना जाता है। आयुर्वेद में इसे अम्ल पित्त कहते हैं। आज इससे हर दूसरा व...