ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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विजय राजबली माथुर
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Bhavna  Pathak
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बना है बैगन दूल्हाराजासिर पर मौर हरा है साजा कद्दू कटहल आलू टमाटरआए सूट बूट सब डटतर गोभी मूली गाजर प्याजदमक रहीं हैं सारी आजककड़ी खीरा मिर्च तरोईभिंडी लौकी कुंदरू मकोईगिलकी परवल टिंडा शलजमनहीं किसी से कोई है कमघुंइया लहसुन अदरक सूरनसेम करेला  नींबू स...
अविनाश वाचस्पति
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एक कटहल अपनी कटहलनी के साथ अपने-अपने ‘क’ को छोड़कर वीआईपी इलाके में रात के रोमांस की मस्तियां देखने के लिए पेड़ से उतरकर बंगले के बाहर टहलने चले गए। कटहल लटक कर लंबे नहीं हो पाए थे तो उनके मन में विचार आया कि टहल कर अपनी लंबाई बढ़ा लें। अच्‍छे दिन लाने का...