ब्लॉगसेतु

अनीता सैनी
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 कुछ हर्षाते लम्हे अनायास ही मौन में मैंने धँसाये  थे  आँखों  के पानी से भिगो कठोर किया उन्हें  साँसों की पतली परत में छिपा ख़ामोश किया था जिन्हें फिर भी  हार न मानी उन्हो...
Kavita Rawat
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विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )01/जनवरी-2012 ·फेसबुक पर दिये स्टेटस और उस पर प्राप्त विद्व विचार प्रस्तुत हैं- (अ)इस वक्त तक के समस्त दोषियों को सख्त-से-सख्त सजा तो दी ही जाये लेकिन...