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सरिता  भाटिया
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चम चम अष्टम रूप है, कर लो माँ का ध्यान।उज्ज्वल मंगलदायिनी ,देती माँ वरदानदेती माँ वरदान ,महागौरी रूप धवलशिवा,शाम्भवी नाम,गौर वर्ण पूरण नवल माँ के हाथ त्रिशूल,बजे है डमरू डम डम सरिता छाया ओज,चेहरा चमके चम चम ।।
सरिता  भाटिया
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सुमित्रा आंटी बाहर आवाजें लगा लगा कर कन्याओं को इकठ्ठा कर रही थी ,क्योंकि वो काफी सक्षम है और कन्यापूजन बहुत विधि विधान से करती हैं और कन्याओं को खूब दान दक्षिणा देती हैं ....पड़ोसन आंटी बोली देखो कितना अच्छे से कन्यापूजन करती है सुमित्रा ,... इसे कहते हैं भक्ति ,पू...
 पोस्ट लेवल : कन्यापूजन लघुकथा