ब्लॉगसेतु

रणधीर सुमन
15
 भारत में विकास, सार्वजनिक नीतियों,  राजकाज तथा लोक कल्याण आदि विषयों के बारे में सोच कुछ गहरी विसंगतियों से भरा हुआ है। उसका एक बहुधा नजर आने वाला पक्ष है आर्थिक तथा सामाजिक पक्षों को अलग-अलग करके, कभी कभार तो विरोधी या प्रतिद्वंद्वी रूप में देखना। इस प्...
रणधीर सुमन
15
 राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन दो की सरकार ने अपने पहले बजट के समर्थन में एक बेबाक सच का सहारा लिया है। डंके की चोट पर कहा है कि ‘प्रो. बिजनेस’ यानी व्यवसाय और व्यवसायी पक्षीय और उनके प्रति सकारात्मक समर्थक-सहायक नीतियों का पालन करके वे गरीबों के पक्ष के, उनके ल...
विजय राजबली माथुर
199
माँ जी व बाबूजी साहब,1999 में आगरा में हवन करते हुये वैसे आर्यसमाज का  विधिवत सदस्यता फार्म तो 13 जूलाई 1997 को ही भरा था और उस समय पूनम पटना गई हुई थीं। परंतु जून 1994 में आर्यसमाज से प्रथम संपर्क तब हुआ था जब शालिनी के निधन के बाद हवन कराने पुरोहित जी आए थे।...
अविनाश वाचस्पति
13
अंजू शर्मा
494
अभी कुछ पहले ही डाक द्वारा 'प्रतिमान पंजाबी' की लेखकीय प्रति के साथ हिन्दी और पंजाबी के प्रसिद्ध कवि और संपादक डॉ अमरजीत कौंके का कविता-संग्रह 'अंतहीन दौड़' भी था!  यह डॉ. कौंके का हिन्दी में तीसरा कविता संग्रह है जो कुछ साल पहले प्रकाशित हुआ है!  इस संग्र...
शिवम् मिश्रा
406
जनहित मे जारी :-सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आगामी चुनावों मे उपयोग मे आने वाली ईवीएम मे कुछ तकनीकी समस्या पाई गई है ... सभी मित्रो से अनुरोध है वोट डालने से पहले ... कमल के फूल के सामने दिया बटन दबा कर सुनिश्चित कर लें कि ईवीएम ठीक से काम कर रही है |
राजीव कुमार झा
352
                                            कमल केवल भारतीय संस्कृति की सत्यता का ही प्रतीक नहीं है,बल्कि भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण सिद्धांत "तमसो...
Ashok Kumar
142
(एक फेसबुक बहस: 18 अप्रैल 2013 - 4 मई 2013)इस बहस के बारे में दो शब्दकरीब एक पखवाड़े (18 अप्रैल 2013 से 4 मई 2013 तक) की अवधि में फेसबुक पर एक (महा )बहस चली जिसकी शुरुआत हिंदी कवि कमलेश के 'समास' पत्रिका में प्रकाशित एक साक्षात्कार में दिए गये इस बयान से हुई कि ‘मा...
विजय राजबली माथुर
199
 भाग 1 से आगे .......................................................नौ वर्ष की उम्र मे लखनऊ छोडने से पहले अक्सर बउआ हम दोनों भाईयों को( जब कोई बाबूजी से मिलने अतिथि आते थे तभी )समोसे-मिठाई लाने भेजती थीं। हालांकि डेरी का मक्खन लेने कभी-कभी  और स्कूल तो र...
विजय राजबली माथुर
199
जारी---बारह बरस पाईप मे सीधा रखने के बाद भी जो सीधा न रह सके कुछ उस तरह के लोग हैं ये पूना प्रवासी ब्लागर और उसके चमचे। 'जेवरी जले पर उसके बल न जले' भी एक पुरानी -प्रसिद्ध कहावत है जो इन लोगों पर हू-ब -हू लागू होती है। अपने तोड़-फोड़ अभियान के तहत उस पूना प्रवासी न...