ब्लॉगसेतु

Sanjay  Grover
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प्रतीकात्मकता के कुछ वास्तविक फ़ायदे भी होते होंगे जो कि मुझे मालूम नहीं हैं लेकिन दुरुपयोग इसका जाने-अनजाने में ख़ूब होता लगता है। यहां तक कि ईमानदारी के आंदोलनों के दौरान या अंत में लोग अपनी कलाई में बंधे धागे नचाते हैं और स्टेज पर रोज़े खोलते हैं। पता नहीं ये लोग...
Sanjay  Grover
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Photo By Sanjay Groverग़ज़लआओ सच बोलेंदुनिया को खोलेंझूठा हंसने सेबेहतर है रो लेंपांच बरस ये, वोइक जैसा बोलेंअपना ही चेहराक्यों ना ख़ुद धो लेंराजा की तारीफ़जो पन्ना खोलें !क्या कबीर मंटो-किस मुह से बोलें !सबको उठना है-सब राजा हो लें ?वे जो थे वो थेहम भी हम हो लें बैन...
Bhavna  Pathak
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अधिकांश दो अतियों के बीच समाज झूलता रहा। एक, इंद्रिय सुखों के पीछे आंख में पट्टी बांधकर बेलगाम उपभोग के रास्ते पर दौड़ लगाना। दूसरा, इस संसार को मिथ्या और बंधनकारी मान, इंद्रियों पर कठोर नियंंत्रण रख, घर परिवार त्याग मोक्ष की साधना करना। दोनो ही अपने को सही बताते।...
Sanjay  Grover
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व्यंग्यअपने देश में ऐसी चीज़ों को बहुत महत्व दिया जाता है जो कहीं दिखाई ही नहीं पड़तीं, पता ही नहीं चलता होतीं भी हैं या होती ही नहीं हैं। हम लोग कुछ पता करने की कोशिश भी नहीं करते। कई बार लगता है कि सिर्फ़ टीवी चैनल ही नहीं बल्कि आम लोग भी टीआरपी देखकर अपनी ज़िंदगी क...
विजय राजबली माथुर
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भारतीय मानस की ब्राह्मणवादी कृति का घिनौना रूप है कर्मकाण्ड ।- मंजुल भारद्वाज ( विश्वविख्यात रंगचिंतक एवं दार्शनिक )एक व्यापारजन्म और मृत्यु का ,निरा और निरा अमानवीय कृत्यईश्वर के नाम पर एक ढोंग , भारतीय संस्कृति के किसी भी सार्वभौमिक तत्त्व की कब्र खोदता ,&nb...
विजय राजबली माथुर
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शनिवार, 4 दिसम्बर 2010 ज्योतिष और अंधविश्वास पिछले कई अंकों में आपने जाना कि,ज्योतिष व्यक्ति क़े जन्मकालीन ग्रह -नक्षत्रों क़े आधार पर भविष्य कथन करने वाला विज्ञान है और यह कि ज्योतिष कर्मवादी बनाता  है -भाग्यवादी नहीं. इस अंक में आप जानेंगे कि ,अंधविश्...
संगीता पुरी
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कुछ अनजान लोगों को मैं अपने प्रोफेशन ज्‍योतिष के बारे में बताती हूं , तो एक महिला के ज्‍योतिषी होने पर उन्‍हें आश्‍चर्य होता है। क्‍यूंकि उनकी जानकारी में एक ज्‍योतिषी और गांव के पंडित में कोई अंतर नहीं है , जो उनके बच्‍चों की जन्‍मकुंडली बनाता है , विभिन्‍न प्रकार...
संगीता पुरी
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आम जनता एक ज्‍योतिषी के बारे में बहुत सारी कल्‍पना करती है , ज्‍योतिषी सर्वज्ञ होता है , वह किसी के चेहरे को देखकर ही सबकुछ समझ सकता है , यदि नहीं तो कम से कम माथे या हाथ की लकीरे देखकर भविष्‍य को बता सकता है। यहां तक कि किसी के नाम से भी बहुत कुछ समझ लेने के लिए ह...
girish billore
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