ब्लॉगसेतु

संजीव तिवारी
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संजीव तिवारी
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Yashoda Agrawal
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हर गरीबबेबस जनता केबहते हुएआँसुओं कोपोछती कलम,बेजुबान कीजुबान बनकरउसके हकों कोदिलाती कलम।छोटी सी छोटीकमजोरियों कोबड़ी सी बड़ीखूबियों कोउजागर करती कलम,ज़िन्दगी केधूमिलहर मोड़ परसाथ देती कलम।प्रेम कीभाषा भी  लिखतीदुखित केदुख को परखती,द्वेष का सैलाबमिटाकरशिष्टता लात...
 पोस्ट लेवल : कलम ओम प्रकाश अत्रि
संजीव तिवारी
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संजीव तिवारी
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उदात्त भावनाओं की अभिव्यक्तियाँ“अरी कलम! तू कुछ तो लिख”       रश्मि अग्रवाल का नाम साहित्यजगत में अनजाना नहीं है। हाल ही में इनका कविता संग्रह “अरी कलम! तू कुछ तो लिख” प्रकाशित हुआ है। आप न केवल एक कवियित्री हैं अपितु एक सफल ग...
संजीव तिवारी
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-    विनोद सावहिन्दी साहित्य के भारतेंदु युग के उद्भट रचनाकार प्रतापनारायण मिश्र ने एक पत्रिका का प्रकाशन आरम्भ किया था उसका नाम रखा था ‘ब्राम्हण’. यह एक सामाजिक-साहित्यिक पत्रिका. बस इसी तरह से दुर्ग और उसके पडोसी नगर भिलाई में कारखाने की स्थापना के बाद...
 पोस्ट लेवल : विनोद साव अतिथि कलम
अनंत विजय
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लगभग एक पखवाड़े पहले पटना में रहनेवाले हिंदी के उपन्यासकार रत्नेश्वर ने फेसबुक पर एक टिप्पणी लिखी, ‘इस समय हिन्दी के कई सुपर हिट गीत लिखने वाले मनोज मुंतशिर के साथ एक शाम। मनोज मुंतशिर ने ‘तेरी गालियां’ से लेकर ‘तेरे संग यारा’, ‘मेरे रश्के-कमर’ आदि अनेक लोकप्रिय गी...
संजीव तिवारी
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संयोगवश बाॅलीवुड के गुरूदत्त और संजीव कुमार का जन्मदिन की एक ही तारीख है 9 जुलाई। दोनों अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृृष्ट कलाकार थे। संजीव कुमार का संवाद शैली, अभिनय, मुस्कुराहट दर्शकों के दिल में हमेशा रहेंगे और ये भी सच है कि गुरूदत्त के जाने के बाद कई फिल्मों के न...
 पोस्ट लेवल : अतिथि कलम
संजीव तिवारी
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खुमान साव किसी व्यक्ति का नही वस्तुतः छत्तीसगढ़ी संगीत का नाम है। खुमान साव छत्तीसगढ़ी संगीत की आत्मा भी है और देह भी। खुमान साव के संगीत के पहले हम इस अंचल के खेत-खलिहानों, तीज-त्यौहारों, उत्सव और अन्यान्घ्य अवसरों पर जो सुनते थे, वे सर्वथा पारंपरिक थे और रचनात्मक स...
 पोस्ट लेवल : अतिथि कलम