ब्लॉगसेतु

रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कविता ग़ज़लें
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कविता
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कविता
Meena Bhardwaj
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बचपन से मेरे साथ मेंहर काम मेंहर बात मेंमेरी फ़िक्र मेंमेरे साथ रहनाभाई ! मुझेइतना है कहनामेरे लिए एककाम करनादिल में सहेज साथ  रखना बचपन की उनयादों का गहनाबाँधू मैं तुझकोरेशम के धागेमांगू  मैं मन्नतरब के आगेखुशियों भराहो संसार तेराआँचल के अ...
 पोस्ट लेवल : कविताएँ
Kavita Rawat
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रवीन्द्र  सिंह  यादव
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सुनो प्रिये !मैं बहुत नाराज़ हूँ आपसेआपने आज फिर भेज दियेचार लाल गुलाब के सुन्दर फूलप्यारे कोमल सुप्रभात संदेश के साथमाना कि ये वर्चुअल हैं / नक़ली हैं लेकिन इनमें समायाप्यार का एहसास / महक तो असली हैनादाँ हूँ / प्रकृतिप्रेमी हूँ  / कवि हूँकदाचित...
Bharat Tiwari
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बस 2 मिनट बोलो :: असग़र वजाहतबस 2 मिनट बोलो2 मिनट में अपना सारा दुख सुख अपनी व्यथा अपना दर्दअपना भूत और अपना भविष्यकह डालो2 मिनट से ज्यादा का समय नहीं दिया जाएगाक्योंकि तुम्हारी कहानी बहुत छोटी हैजिसकी गर्दन पर खूनी पंजा गड़ा हो वह 2 मिनट से ज्यादा क्या बात करे...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : कविता
रवीन्द्र  सिंह  यादव
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हाँ मैं कश्मीरी लड़की हूँ! अपने देशवासियों पर भड़की हूँ। मेरा रंग और बदन पसंद तुम्हें, ये मनोविकार हैं नापसंद मुझे,गुल बनो!गुलफ़ाम को लेने,आ जाना गुलशन में!बदल सकोगे जलवायु?जिसमें पलकर मैं बड़ी हुई  सुमन पाँख-सी कोमल हूँ स्त्री का सम्मान क...
Sanjay  Grover
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ग़ज़लकोई पत्ता हरा-सा ढूंढ लियातेरे घर का पता-सा ढूंढ लियाजब भी रफ़्तार में ख़ुद को खोयाथोड़ा रुकके, ज़रा-सा ढूंढ लियाउसमें दिन-रात उड़ता रहता हूंजो ख़्याल आसमां-सा ढूंढ लियाशहर में आके हमको ऐसा लगादश्त का रास्ता-सा ढूंढ लियातेरी आंखों में ख़ुदको खोया मगरशख़्स इक लापता-सा...